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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: संकट! खुले आसमान के नीचे पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं और सरसों, बारिश को लेकर चिंता में किसान

    By Jagran NewsEdited By: Deepak Saxena
    Updated: Sat, 13 Apr 2024 07:25 PM (IST)

    बदलते मौसम ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। गेहूं और सरसों की आवक मंडियों में शुरू हो गई है। इसके साथ ही मंडियों से खुले आसमान के नीचे पड़ा डेढ़ ...और पढ़ें

    बारिश को लेकर चिंता में गेहूं और सरसों के किसान।
    बारिश को लेकर चिंता में गेहूं और सरसों के किसान।

    जागरण संवाददाता, सिरसा। जिले में दो दिन से ही गेहूं की मंडियों में आवक शुरू हुई है। लेकिन अभी से ही मंडियां गेहूं और सरसों से भरी हुई दिखाई दे रही हैं। उठान में देरी, शेड फुल और खराब मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मजबूरन किसान खुले आसमान के नीचे ही उपज उतार रहे हैं। जिले में अभी डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं और साढ़े पांच लाख क्विंटल सरसों खुले आसमान के नीचे पड़ी है। ऐसे में बारिश होती है तो किसानों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

    जिले में इस बार सरकार की तरफ से 70 मंडियों में गेहूं और 17 मंडियों में सरसों की खरीद की जा रही है। जिले में अब तक एक लाख 60 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से एक लाख सात हजार 103 क्विंटल गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियों की तरफ से हो चुकी है और केवल 4994 क्विंटल ही गेहूं का उठान हो पाया है। जबकि डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। वहीं, जिले में अब तक आठ लाख 77 हजार 515 क्विंटल सरसों की मंडियों में आवक हो चुकी है, जिसमें से सरकार की तरफ से पांच लाख 86 हजार 18 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है।

    बारिश को लेकर किसानों में चिंता

    इसमें से तीन लाख 40 हजार 683 क्विंटल सरसों का उठान हो चुका है। जबकि पांच लाख 36 हजार 832 क्विंटल सरसों खुले आसमान के नीचे पड़ी है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो किसानों की छह माह की फसल खराब होने का भी डर बना हुआ है। वहीं उठान में देरी होने व शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त आरके सिंह व अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने मंडियों का दौरा भी किया गया है। वहीं, मार्केट कमेटी अधिकारी अब उठान में तेजी लाने को लेकर एजेंसियों को नोटिस जारी करेंगे। हालांकि इससे पहले भी तीन एजेंसियों को नोटिस प्रशासन की तरफ से जारी किया जा चुका है।

    शेडों के नीचे लगी बोरियों की ढांग

    खुले में उपज रख रहे किसान उठान धीमी होने के कारण मंडियों भी सरसों व गेहूं की बोरियों से अटना शुरू हो चुकी है। मंडियों में सरसों के 10 लाख बैगों का उठान होना शेष है। किसानों के लिए बनाए गए शेडों के नीचे गेहूं व सरसों रखने के लिए जगह तक नहीं है। जबकि आढ़तियों ने इन शेडों के नीचे तौल की गई सरसों व गेहूं के बैगों की ढांग लगाकर छोड़ दी है। शेड के नीचे जगह न होने के कारण किसान खुले आसमान के नीचे ही सरसों व गेहूं उतारने को मजबूर हो रहे है।

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    दुकान के आगे और मंडी में जगह का टोटा

    मंडियों में अब गेहूं व सरसों के बैगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिसके कारण अब मंडियों में जगह का भी टोटा होने लगा है। कोई किसान रोड पर ही ट्रैक्टर रोड झार लगवा रहा है तो कोई किसान एक तरफ ढेर लगा कर तोल होने का इंतजार करता हुआ नजर आ रहा है। मौसम खराब होने के कारण आढ़तियों ने पहले ही अपने तैयार किए हुए तिरपाल बोरियों पर डालने शुरू कर दिए है। जबकि किसानों को खुद बंदोबस्त करने को लेकर बात कही जा रही है। दिनभर छाए रहे बादल, धूल भरी आंधी ने बढ़ाई परेशानी शुक्रवार को जिले में दिनभर मौसम खराब रहा और आसमान में घने बादल छाए रहे।

    दो दिनों तक मौसम खराब रहने के आसार

    वहीं, दिन भर चली धूल भरी आंधी ने भी लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया। हालांकि शनिवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिनों तक अभी मौसम खराब रहेगा और बारिश होने की आशंका भी जताई है। बता दे कि जिले में अभी नाम मात्र ही गेहूं की कटाई का काम हो पाया है। बारिश से किसानों को इसका काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    सिरसा मार्केट कमेटी के सचिव वीरेंद्र मेहता ने कहा कि उठान प्रक्रिया में तेजी लाने को लेकर एजेंसियों को निर्देश दिए गए है। अगर उठान में तेजी नहीं आती तो एजेंसियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। आढ़तियों को भी तिरपाल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।

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