यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sonipat Traffic Advisory: सोनीपत में मरम्मत की बजाय बंद कर दी NH-44 की सर्विसलेन, इन रास्तों का करें इस्तेमाल
Sonipat Traffic Advisory सोनीपत में दिल्ली-अमृतसर NH-44 की सर्विसलेन की खस्ता हालत के कारण इसे बंद कर दिया गया है। मानसून के दौरान जलभराव से सड़क बुरी ...और पढ़ें

HighLights
- एनएच 334 बी और एनएच 44 की कनेक्टिविटी बंद
- बहालगढ़ में जलभराव से टूटी सड़क, गहरे गड्ढे हुए
- 10 हजार से ज्यादा वाहन करते हैं सर्विसलेन का प्रयोग
निरंजन कुमार, सोनीपत। दिल्ली-अमृतसर एनएच 44 की सर्विसलेन जिले की सीमा में राहत कम मुसीबत ज्यादा बढ़ा रही है। मानसून में जलभराव के चलते सर्विसलेन जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
बहालगढ़ में सर्विसलेन पर डेढ़ से दो फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। यहां स्थिति बिगड़ने पर एनएचएआई ने सर्विसलेन की मरम्मत करने की बजाय इसे बंद कर दिया है। अधिकारियों का तर्क है कि यहां गहरे गड्ढे बन गए हैं और वर्षा होने के बाद सीमेंटेड सड़क बनाई जाएगा।
वाहनों को लौटना पड़ रहा वापस
टूटे हुए हिस्से पर दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है। रास्ता बंद होने से एनएच 344बी से आने वाले वाहनों का रास्ता भी बंद हो गया है। जिसके कारण वाहनों को लौटना पड़ता है और वापस 334बी के रास्ते खेवड़ा फ्लाईओवर से यू टर्न लेना पड़ रहा है।
इससे वाहन चालकों को दो से चार किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता है। साथ ही अंबाला की तरफ जाने वाले वाहनों को या तो बहालगढ़ चौक या फिर राई गांव से हाईवे पर प्रवेश करना पड़ता है। इसके कारण बहालगढ़ चौक और राई गांव में जाम की स्थिति भी बन रही है।
- 10 हजार से ज्यादा वाहन बहालगढ़ में सर्विसलेन का प्रयोग करते हैं
- 02 से चार किमी का अतिरिक्त चक्कर काटने की मजबूरी
- 40 किमी लंबी सर्विसलेन बनाई गई है सोनीपत क्षेत्र में
- 12 से ज्यादा जगह पर वर्षा के दौरान सर्विसलेन पर जलभराव होता है
- 10 जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त है, जिसे जाम लगता है
कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया
एनएचएआइ की तरफ से सर्विसलेन तो बंद कर दी गई, लेकिन राई और एनएच 344बी की तरफ से आने वाले वाहनों को जानकारी देने के लिए रास्ता बंद होने बारे कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया। अनजान वाहन चालक सीधे सर्विसलेन पर पहुंचते हैं तो उन्हें रास्ता बंद मिलता है। कुछ साथ बने कच्चे रास्ते से होते हुए बहालगढ़ चौक तक पहुंचते हैं।
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लग रहा जाम
एनएच 44 से सोनीपत आने के लिए फ्लाईओवर से पहले कट है। जिसके कारण पहले से ही जाम लगता था। अब रास्ता बंद होने से एनएच 334बी की तरफ से आने वाले वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ रहा है। सैकड़ों वाहन चालक रास्ता भी भटक रहे हैं।
इन रास्तों का करें इस्तेमाल
- राई से सोनीपत की तरफ आने वाले वाहन 334बी के रास्ते सेक्टर 38 हाेते हुए बहालगढ़ रोड पर पहुंचे
- एनएच 334बी से अंबाला की तरफ जाने वाले वाहन खेवड़ा फ्लाईओवर से लेफ्ट लेकर बहालगढ़ चौक पहुंचे
- एनएच 334 से दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन फ्लाईओवर उतरते ही यूू टर्न लेकर सर्विसलेन से एनएच 44 पहुंचे
- मेरठ की तरफ से आने वाले वाहन राई चौक से यू टर्न लेकर एनएच 44 की मेन कैरिज वे का प्रयोग करें
- बहालगढ़ से खरखौदा जाने वाले वाहन खेवड़ा फ्लाईओेवर के पास से एनएच 334बी लें
जलभराव से टूूटी सड़क
बहालगढ़ पेट्रोल पंप के सामने शुरू से ही जलभराव की स्थिति बनी रहती है। यहां गर्मी में भी पानी खड़ा रहता था, जिस पर एनएचएआइ ने नाला तोड़कर दोबारा बनाया गया, लेकिन इसके बाद भी समस्या से निजात नहीं मिली। जलभराव के कारण छह महीने पहले सड़क भी टूट गई थी।
मानसूून सीजन शुरू होने के बाद तो यहां दो से तीन फीट तक पानी भर गया था। जहां आए दिन वाहन फंस रहे थे और दुर्घटना भी हो रही थी। इसके बाद भारी पत्थर के बेरीकेड्स लगाकर रास्ता बंद किया गया।
सर्विसलेन पर सबसे बड़ी समस्या लोगों द्वारा सड़क पर पानी छोड़ने की है। चार गांवों के लोगों को पूर्व में नोटिस भी दिए गए थे। अब बहालगढ़ चौक से पहले सर्विसलेन को मरम्मत के लिए बंद किया गया है। फिलहाल किसी भी वक्त वर्षा हो जाती है। इसी वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। वर्षा बंद होते ही सर्विसलेन को बनाया जाएगा। पानी निकासी का रास्ता ठीक कर यहां सीमेंटेड रोड बनाई जानी है। -जगभूूषण, मैनेजर, एनएचएआई