सोनीपत में आशा वर्कर भर्ती-2025 में लगा बड़ा आरोप, 18 अंक वाले को छोड़ 12 अंक वाले की करा दी ज्वाइनिंग?
सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गौतम ने सोनीपत में आशा वर्कर भर्ती 2025 में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कम अंक वाले अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग दी गई।

पत्रकारों से बातचीत करते सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गौतम साथ हैं अन्य। सौ. सुधी पाठक
HighLights
आशा वर्कर भर्ती 2025 में अनियमितताओं के आरोप।
कम अंक वालों को मिली नौकरी, अधिक अंक वाले वंचित।
स्वतंत्र जांच कमेटी गठित करने की जोरदार मांग।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। आशा वर्कर भर्ती-2025 में कथित अनियमितताओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्याय के विरुद्ध न्याय युद्ध के संस्थापक देवेंद्र गौतम ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महावीर काॅलोनी शहरी स्वास्थ्य केंद्र (यूएचसी) के अंतर्गत आने वाली इंडियन काॅलोनी, न्यू महावीर काॅलोनी, मालवीय नगर, देवीलाल काॅलोनी, ईदगाह काॅलोनी में चयन प्रक्रिया को लेकर मेरिट व ज्वाइनिंग में अंतर के आरोप सामने आए हैं।
आरोप- कम अंक वालों को ज्वाइनिंग दी गई
देवेंद्र गौतम ने आरोप लगाया कि उपलब्ध मेरिट विवरण के अनुसार कुछ स्थानों पर अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को दरकिनार कर कम अंक वालों को ज्वाइनिंग दी गई।
इंडियन काॅलोनी में 18 और 15 अंक वालों की जगह कथित रूप से 12 और 14 अंक वालों, न्यू महावीर काॅलोनी में 17 अंक वाले की जगह 15 अंक वाले, मालवीय नगर में 15 व 14 अंक वालों की जगह 13 अंक वाले, देवीलाल काॅलोनी में 17 अंक वाली अभ्यर्थी की जगह 14 अंक वाले व ईदगाह काॅलोनी में 16 व 13 अंक वालों की जगह 10 अंक वाले अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग दिए जाने के आरोप हैं।
चयन समिति की कार्यवाही की जांच की मांग
ऐसे में इनकी पुष्टि विभाग के मूल रिकार्ड से होना जरूरी है। उन्होंने उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त की निगरानी में स्वतंत्र जांच कमेटी गठित करने, आवेदन, पात्रता दस्तावेज, मेरिट सूची, सत्यापन रिकाॅर्ड और चयन समिति की कार्यवाही की जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि अप्रैल में शिकायतों के बाद 28 जुलाई को सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई थी। पत्रकार वार्ता में कथित रूप से प्रभावित अभ्यर्थी नवीन ने भी अपनी नियुक्ति का लाभ नहीं मिलने की बात कही। देवेंद्र गौतम ने कहा कि जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदारी तय कर पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए।
