टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: एक ही गांव के 2 दोस्त कैसे फंसे गैंगस्टर की जाल में, परिवारवालों ने बताई पूरी कहानी
सोनीपत के बरोदा गांव के दो दोस्त, अंकित और उसका नाबालिग सहपाठी, सोशल मीडिया पर हथियार वाले स्टेटस लगाने के कारण लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आए।

बिश्नोई गैंग ने हथियार वाले स्टेटस देख बढ़ाया था संपर्क
HighLights
मोबाइल स्टेटस से गैंगस्टर के प्रभाव में आए बरोदा के युवक।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने बड़े सपने दिखाकर किया संपर्क।
परिवार और शिक्षकों की चेतावनियों को किया नजरअंदाज।
परमजीत सिंह, सोनीपत (गोहाना)। मोबाइल पर हथियार और बदमाशी वाले स्टेटस लगाना, गैंगस्टरों के प्रभाव में आना और पढ़ाई से दूर हो जाना। गांव बरोदा के अंकित और उसके नाबालिग सहपाठी में ये बदलाव करीब एक साल पहले से दिखने लगे थे।
जब दोनों ने इस तरह के स्टेटस लगाने शुरू किए तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोगों ने उनसे संपर्क बढ़ाया और बड़े-बड़े सपने दिखाए। ग्रामीणों और शिक्षकों ने दोनों के परिवारों को सतर्क भी किया था। लेकिन, समझाने पर दोनों अपने परिवार से ही झगड़ने लगते थे।
अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की वारदात में दोनों का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया और गलत संगत के असर पर सवाल उठ रहे हैं।
मजदूरी कर पढ़ा रहे थे पिता, नहीं सुनी बात
दोनों के पिता मजदूरी करके उन्हें पढ़ा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि बच्चे पढ़-लिखकर भविष्य बनाएंगे, लेकिन उनकी हरकतें बदलती गईं। शिक्षकों ने अभिभावकों को स्कूल बुलाकर उनकी गतिविधियों और पढ़ाई में घटती रुचि के बारे में बताया था। पिछले तीन-चार महीने से दोनों का स्कूल आना-जाना भी कम हो गया था।
नाबालिग का पिता शिकायतें मिलने पर उसे समझाता तो वह सुनता नहीं था। अंकित का भी यही हाल था। नाबालिग करीब एक साल पहले बाइक चोरी के मामले में पकड़ा गया था। पिछले दिनों पंजाब में हुई एक वारदात को लेकर वहां की पुलिस भी पूछताछ के लिए उसके घर आई थी।
15 सितंबर को मेले से लापता हुए थे दोनों
गांव बरोदा में 15 सितंबर को मेला लगा था। उसी दिन अंकित अपने नाबालिग सहपाठी के साथ घर से निकला था, लेकिन मेला देखने के बाद दोनों लौटे नहीं। दोनों 12वीं कक्षा में साथ पढ़ते थे।
18 अक्टूबर को मुंबई में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हुई हैं। इनमें सोनीपत के देवड़ू गांव का रेहान अंसारी, गांव बरोदा का अंकित व उसका नाबालिग सहपाठी, रोहणा गांव का कुणाल, खरखौदा के सुमित, जतिन, देवड़ू गांव का समीर, यूपी की रहने वाली राधा व बबीता और बिहार का रितिक शामिल हैं। पुलिस अब उनके संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है।
साथ रहने वाले युवकों के परिवार चिंतित
गांव बरोदा में अंकित और उसके सहपाठी का कई अन्य युवकों से भी संपर्क था। मुंबई, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली पुलिस अब फायरिंग करने वाले बदमाशों के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। पूछताछ और नेटवर्क के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। इससे उन युवकों के अभिभावक भी चिंतित हैं जो अंकित और उसके सहपाठी के साथ रहते थे।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।