यमुनानगर में खुले सीवर और धंसी सड़कें बनीं हादसों का सबब, मानसून में बढ़ा जोखिम
यमुनानगर में खुले सीवर के ढक्कन, धंसी सड़कें और गड्ढे मानसून में हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। ...और पढ़ें
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यमुनानगर में खुले सीवर और धंसी सड़कें बनीं हादसों का सबब (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। शहर में इन दिनों लोगों की राह जोखिम भरी है। जगह-जगह खुले सीवर के ढक्कन, धंसी सड़कें और सीवर लाइनों के आसपास बने गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। मानसून सीजन में जब बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन जाती हैं।
तो खतरा और बढ़ जाता हैं। दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि शहर में एक-दो स्थानों पर नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में ऐसी स्थिति बनी हुई है। जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नगर निगम की हाउस बैठक में भी सीवर लाइनों के मेनहोल के खुले ढक्कनों का मुद्दा उठ चुका है।
इसके बावजूद अभी तक सभी स्थानों पर प्रभावी सुधार नहीं किया गया है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों तक सीवर व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
औद्योगिक क्षेत्र में शक्तिमान मंदिर के पास कई दिनों से सीवर का ढक्कन खुला पड़ा है। यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जबकि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। खुले सीवर के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है। रात के समय यह स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
शहर के डीएवी डेंटल कॉलेज रोड पर सड़क बीचोंबीच धंसी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार इसकी मरम्मत की जा चुकी है। लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। सड़क के नीचे से सीवर लाइन गुजर रही है, जिसके कारण जमीन लगातार कमजोर होती जा रही है।
बारिश के दौरान पानी भरने से सड़क का यह हिस्सा और धंस सकता है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। यह मार्ग आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति लंबे समय से जस की तस बनी हुई है।
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रादौर रोड पर बढ़ रहा गड्ढा
महाराजा अग्रसेन चौक से रादौर रोड बाजार की ओर जाने वाले मार्ग पर भी सीवर लाइन के पास सड़क धंस गई है। यह शहर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो यह गड्ढा और बड़ा हो सकता है। बारिश के मौसम में पानी भरने से वाहन चालकों को इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगेगा और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाएगा।
जलभराव से बढ़ रही परेशानी
मानसून के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है। निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं होने के कारण कई-कई घंटे तक पानी जमा रहता है। ऐसे में खुले सीवर और धंसी सड़कों के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
शहरवासियों का कहना है कि हादसा होने से पहले प्रशासन को इन स्थानों की पहचान कर तुरंत मरम्मत करानी चाहिए। केवल अस्थायी पैचवर्क से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सीवर लाइनों और सड़कों की तकनीकी जांच कर स्थायी सुधार की जरूरत है।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एक्सइएन दिनेश गाबा ने कहा कि खुले मेनहाल से संबंधित यदि कोई शिकायत आती है तो तुरंत कार्रवाई होती है। बावजूद इसके यदि शहर सीवरेज के मेनहाल के ढक्कन टूटे हैं तो बदलवा दिए जाएंगे।