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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमरनाथ यात्रा में जगाधरी की मिठास, रामबान में 21 वर्षों से भंडारा जारी; खूब हो रही है चर्चा

    Updated: Wed, 09 Jul 2025 02:48 PM (IST)

    यमुनानगर के श्रद्धालुओं ने जम्मू कश्मीर के रामबन में चल रहे भंडारे की प्रशंसा की। श्रीमणि महेश अमरनाथ सेवा समिति जगाधरी द्वारा आयोजित इस भंडारे में 21 ...और पढ़ें

    श्रीमणि महेश अमरनाथ सेवा सीमिति जगाधरी के रामबन में लगे भंडारे से प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।
    श्रीमणि महेश अमरनाथ सेवा सीमिति जगाधरी के रामबन में लगे भंडारे से प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।

    HighLights

    1. जम्मू कश्मीर के भंडारे की सराहना।
    2. 21 वर्षों से निस्वार्थ सेवा जारी।
    3. श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध।

    संवाद सहयोगी, छछरौली। जम्मू कश्मीर के रामबन में चल रहे भंडारे सराहना खूब हो रही है। जिले से गए श्रद्धालु मोहन लाल, जसबीर, राजीव, रवि, बल्लू, सुनील, धर्मवीर, बिंदर व मनीष ने बताया कि जब उन्होंने जम्मू कश्मीर के रामबन में श्रीमणि महेश अमरनाथ सेवा समिति जगाधरी का विशाल भंडारा देखा तो हैरान रह गए।

    यहां 21 वर्षों से भगवान भोलेनाथ की सेवा में भंडारा चल रहा है। भंडारे का संचालन कर रहे पवन महेश्वरी अपनी पत्नी सुनीता महेश्वरी के साथ बीते 21 वर्षों से निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। लगभग 5000 श्रद्धालुओं की दैनिक सेवा के लिए यह पूरा सेवादल पूरी ऊर्जा से जुटा हुआ है। भंडारे के संचालक पवन महेश्वरी कहते हैं कि यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और अपनेपन की भावना है। जो बाबा बर्फानी तक हमें जोड़े रखती है।

    30 लोगों के सेवादल के साथ श्याम अग्रवाल, भानु वर्मा, अनुज शर्मा, संजय, कपिल, नेहा अग्रवाल निरंतर सेवा कर रहे है। भंडारे के आयोजन के लिए सरकार की ओर से जगह, पानी और आवागमन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यह सेवा रामबन, पंचतरिणी और बालटाल बेस कैंप तक फैली हुई है।

    मिठाई और व्यंजनों से महकी कश्मीर की घाटी

    गुलाब जामुन, नारियल बर्फी विशेष आटा पिन्नी, बेसन लड्डू गाजर-आंवला मुरब्बा, सेब मुरब्बा रोटी, चावल, भटूरे, पूड़ी, चीला, गोलगप्पे, चाट श्रद्धालु इस संपूर्ण भोजन व्यवस्था को न केवल स्वादिष्ट, बल्कि पवित्र अनुभूति के रूप में अनुभव कर रहे हैं।

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