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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    26 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल होंगे हरियाणा के किसान सुभाष, चार दिन रहेंगे सरकार के मेहमान; क्यों हैं फेमस?

    Updated: Mon, 20 Jan 2025 02:40 PM (IST)

    गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day Ceremony) में शामिल होने के लिए यमुनानगर के प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज दिल्ली बुलाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र म ...और पढ़ें

    गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे सुभाष कांबोज
    गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे सुभाष कांबोज

    HighLights

    1. दो बार मन की बात में उपलब्धियां गिना चुके पीएम नरेन्द्र मोदी
    2. 25-28 जनवरी तक अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे सुभाष

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। खंड रादौर के गांव हाफिजपुर के मधुमक्खी पालक प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज को सरकार की और से दिल्ली में 26 जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला।

    इस दौरान कांबोज सरकार के चार दिन तक मेहमान होंगे। बता दें कि इससे पहले भी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो बार मन की बात में उनकी उपलब्धियों को गिनाया है।

    चार दिन अलग-अलग कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    भारत सरकार की और से उन्हें 4 दिन के लिए दिल्ली में आने के लिए निमंत्रण दिया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार उनको 25 जनवरी को दिल्ली बुलाया है।

    वहां 25 जनवरी से 28 जनवरी तक अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। जिसमें 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड को वीआईपी गैलरी में बैठकर देखने का मौका भी मिलेगा। 27 और 28 जनवरी को उन्हें दिल्ली के प्रसिद्ध स्थानों पर भ्रमण के लिए ले जाया जाएगा।

    दो बार पीएम नरेन्द्र मोदी कर चुके सराहना

    हाफिज पुर के मधु मक्खी पालक प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज देश में उस समय सुर्खियों में आए जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में उनका दो बार जिक्र किया था। उनके मधुमक्खी पालन कार्य की सराहना की थी।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्य किसानों को भी सुभाष कांबोज की तरह ही वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण लेकर आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

    उन्हें मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के अलावा कृषि विज्ञान केंद्र दामला , चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार , उद्यान विभाग सहित प्रदेश व देश में कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।

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    चार बॉक्स से शुरू किया था काम

    सन 1996 से पहले निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके किसान सुभाष कांबोज ने बताया कि उन्होंने मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मात्र छह बॉक्स से मधुमक्खी पालन का कार्य शुरू किया था। आज उनके पास दो हजार से ज्यादा मधुमक्खी पालन के बाक्स है।

    खबरें और भी

    वे स्वयं पूरे देश में शहद की बिक्री करते हैं। आज उनका शहद हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश , पश्चिम बंगाल के अलावा विदेशों में भी बिकता है। उन्होंने अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्म निर्भर बनाया है।

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