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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana News: मेडिकल कालेज के लिए इंतजार खत्म, 25 सितंबर को सीएम करेंगे भूमि पूजन, निर्माण होगा शुरू

By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
Published: Tue, 19 Sep 2023 07:32 PM (IST)

यमुनानगर में बनने वाले गुरु तेगबहादुर राजकीय मेडिकल कालेज के लिए अब अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके निर्माण की ...और पढ़ें

पांजूपुर स्थित जमीन पर मेडिकल कालेज बनना है, लगा दिया है बोर्ड
पांजूपुर स्थित जमीन पर मेडिकल कालेज बनना है, लगा दिया है बोर्ड

HighLights

  1. 997 करोड़ की लागत से पांजूपुर में बनेगा गुरु तेगबहादुर राजकीय मेडिकल कॉलेज
  2. 2021 में हुई थी मेडिकल कालेज की घोषणा
  3. 5 जून 2022 को गृह मंत्री अमित शाह ने किया था शिलान्यास

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : जिले में बनने वाले गुरु तेगबहादुर राजकीय मेडिकल कालेज के लिए अब अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। 25 सितंबर को सीएम मनोहर लाल कालेज के भवन का शिलान्यास करेंगे। भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई है।

पांजूपुर स्थित जिस जमीन पर मेडिकल कालेज बनना है। वहां पर साफ सफाई करा दी गई है। मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग की टीम ने भी यहां पर निरीक्षण किया है। जिले में मेडिकल कालेज की घोषणा वर्ष 2021 में हुई थी। इसके पश्चात मेडिकल कालेज का शिलान्यास पांच जून 2022 को गृह मंत्री अमित शाह ने पंचकूला में कर दिया था।

997 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज

997 करोड़ की लागत से यह मेडिकल कॉलेज बनेगा। सीएम मनोहर लाल ने 29 मई 2022 को मेडिकल कालेज को गुरु तेगबहादुर राजकीय मेडिकल कालेज के नाम से घोषणा। इसकी स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी थी।

इसके लिए कार्यकारी एजेंसी भी नियुक्त कर दी गई है। ब्रिज एंड रूफ कंपनी आइ लिमिटेड इसका निर्माण करेगी। मेडिकल कालेज के लिए 21 सितंबर 2021 को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग और कार्यकारी एजेंसी के बीच एमओयू भी साइन हो चुका है।

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पांजूपुर में अधिग्रहित की गई जमीन

जिस समय मेडिकल कालेज की घोषणा हुई। जिला प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी। प्रशासन की ओर से पहले सेक्टर 22-23 में अधिग्रहित जमीन पर मेडिकल कालेज बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन बाद में सरकार ने निशुल्क जमीन तलाशने के आदेश दिए थे। जो जमीन अधिग्रहित की गई थी। इस जमीन के लिए एचएसवीपी को भुगतना करना था।

इसके बाद पांजूपुर व रूलाखेड़ी में जमीन देखी गई लेकिन सबसे उपयुक्त पांजूपुर की जमीन लगी, क्योंकि मेडिकल कालेज के लिए जमीन नागरिक अस्पताल से 10 किलोमीटर के एरिया में होनी चाहिए और करीब 10 एकड़ पंचायती जमीन होनी चाहिए। इस हिसाब से पांजूपुर की जमीन की उपयुक्त बैठ रही है।

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यहां पर करीब 20 एकड़ जमीन पंचायती जमीन खाली पड़ी है। 30 अक्टूबर 2021 को मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च की टीम इस जमीन का निरीक्षण किया था। इसके बाद इस जमीन को फाइनल कर दिया गया। अब यह जमीन भी विभाग के नाम ट्रांसफर हो चुकी है।

आसपास के राज्यों के लोगों को भी मिलेगा लाभ

यहां मेडिकल कालेज बनने का लाभ जिले के लोगों के साथ-साथ आसपास के राज्य उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी होगा। दोनों प्रदेशों की सीमा जिला यमुनानगर से मिली है। अभी भी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से काफी संख्या में मरीज यमुनानगर इलाज के लिए पहुंचते हैं।

इसके साथ ही मेडिकल कालेज बनने से स्थानीय नागरिक अस्पताल में भी सुविधा बढ़ेगी। मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू होने के साथ ही प्रथम सत्र के लिए एमबीबीएस की कक्षा सिविल अस्पताल की बिल्डिंग में संचालित की जा सकती है।