भावुक मिलन: तलाश में दो माह भटके 50 शिष्य, गुरुओं के घर पहुंचे तो छलकीं आंखें; स्कूल बुलाकर दी 'गुरुदक्षिणा'
गुंदियाना स्कूल के 50 पूर्व छात्रों ने शिक्षक दिवस पर अपने 24 पुराने गुरुओं को सम्मानित किया। दो माह की ...और पढ़ें
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शिक्षक खेमलाल सैनी और राजिंद्र कुमार। फोटो जागरण
HighLights
गुंदियाना स्कूल के पूर्व छात्रों ने गुरुओं को किया सम्मानित।
दो माह की तलाश के बाद 24 गुरुओं को ढूंढा गया।
शिक्षक दिवस पर गुरु-शिष्य का भावुक पुनर्मिलन हुआ।
राहुल शर्मा, यमुनानगर। शिक्षक दिवस पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुंदियाना में चार दशक पुरानी गुरु-शिष्य की यादें फिर जीवंत हो उठीं। इसी स्कूल के चार कमरों में बैठ पढ़ने वाले 50 पूर्व विद्यार्थी दो माह तक यहां उन्हें पढ़ाने वाले गुरुओं की तलाश करते रहे। आखिरकार 24 पूर्व शिक्षकों को ढूंढ निकाला और उनके घर पहुंच उन्हें शिक्षक दिवस पर स्कूल आने का न्योता दिया।
निमंत्रण देते समय और स्कूल में वर्षों बाद सामने देख गुरुओं और शिष्यों, दोनों की आंखें छलक उठीं। इस अनोखे आयोजन का विचार इसी स्कूल के पूर्व छात्र रहे खेड़ा फार्म स्थित राजकीय स्कूल के साइंस मास्टर खेमलाल सैनी और सियालबा गांव स्थित राजकीय स्कूल के पीटीआइ राजिंद्र कुमार के मन में दो माह पहले आया।
दोनों ने पुराने सहपाठियों की तलाश कर उनसे संपर्क किया, जिनमें कोई शिक्षक बन चुका था तो कोई नौकरी या व्यापार में था। एक-एक कर 50 पूर्व विद्यार्थी समिति से जुड़े। उन्होंने गुरुओं की तलाश शुरू की। कुछ गुरु स्कूल के दिए पते पर मिले, पर कई पुराने पते पर नहीं मिले, जिनके विभाग कार्यालय से वर्तमान पते जुटाकर शिष्य 24 पूर्व शिक्षकों के घर पहुंचे, उन्हें शिक्षक दिवस समारोह का न्योता दिया।
सतीश शास्त्री के बढ़ाए आत्मविश्वास से मंच का डर खत्म
कार्यक्रम में गुरु-शिष्यों ने स्कूल के अनुभव किए। खेमलाल ने शिक्षक सतीश शास्त्री से जुड़ा किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि स्कूल में गुनगुनाते सुन शास्त्री ने बाल सभा में गीत गाने को खड़ा किया था। मंच पर आवाज नहीं निकली, पर दो माह उनसे गीत गवाए।
इस अभ्यास से मंच का डर खत्म हुआ और आत्मविश्वास बढ़ा। इसी की देन है कि आज शिक्षक हैं और स्कूल व जिला स्तर के मंचों पर संचालन व गीत प्रस्तुति देते हैं। वरिष्ठ अध्यापक ओम प्रकाश सैनी ने पूर्व छात्रों की पहल की सराहना की।
आयोजन में धर्मवीर, ब्रह्मदत्त शर्मा, सुभाष चंद्र, कालीरामन, लाभ सिंह, सतीश सैनी, नरेश सैनी, संजय धीमान, देवेंद्र सिंह, करनैल सिंह, जर्नल सिंह, ज्ञानचंद, रामपाल सैनी, जनक सैनी, विजय सैनी, सुदेश, बबली, निर्मल, पवन, नरेश दत्त, राजेश दत्त, नरेंद्र सैनी व धर्मबीर खुब्बर सहित 50 पूर्व छात्रों ने सहयोग दिया।
ये किए सम्मानित
राजवीर शर्मा, राजकिशन, दयालचंद, जयभगवान सैनी, महेश शर्मा, सोहन शर्मा, साहब सिंह, जयदेव आर्य, हरीश शर्मा, राजिंद्र राणा, नेतराम, रमेश शर्मा, योगमाया, संतोष कुमारी, सुषमा, सुमित्रा, वीणा, सुशीला, सरवन खान को सम्मानित किया।
