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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समर कैंप में तिलक लगाकर आने से छात्रों को रोका, हिंदू संगठनों ने किया विरोध; संस्था के संस्थापक ने मांगी माफी

By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
Updated: Mon, 12 Jun 2023 02:36 PM (IST)

Haryana News यमुनानगर में समर कैंप में तिलक लगाकर आने से छात्रों को रोका गया। विरोध करते हुए हिंदू संगठनों के पदाधिकारी स्कूल में पहुंचे। नौबत हाथापाई तक आ गई। पुलिस पहुंची और बीच बचाव किया। बाद में शशि गुप्ता ने लिखित में माफी मांगी। तभी मामला शांत हुआ।

समर कैंप में तिलक लगाकर आने से छात्रों को रोका
समर कैंप में तिलक लगाकर आने से छात्रों को रोका

जागरण संवाददाता, यमुनानगर: मुकंद लाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक सोच नई सोच संस्था की ओर से लगाए गए समर कैंप में तिलक लगाकर आने वाले छात्रों को रोक दिया गया। जिसका पता हिंदू संगठनों को लगा तो रोष फैल गया।

विरोध करते हुए हिंदू संगठनों के पदाधिकारी स्कूल में पहुंचे। यहां पर संस्था के संस्थापक शशि गुप्ता के साथ तीखी बहस हुई। नौबत हाथापाई तक आ गई। पुलिस पहुंची और बीच बचाव किया। बाद में शशि गुप्ता ने लिखित में माफी मांगी। तभी मामला शांत हुआ।

निशुल्‍क कैंप लगाया जा रहा

दरअसल, एक सोच नई सोच संस्था की ओर से भारत निर्माण शिविर के तहत निशुल्क समर कैंप लगाया जा रहा है। जिसमें विद्यार्थियों को सेमिनार के जरिए अलग-अलग विषयों के बारे में बताया जा रहा है। सोमवार को समर कैंप में तीन छात्र तिलक लगाकर पहुंचे। वह स्कूल में घुसे। तभी संस्था के संस्थापक शशि गुप्ता ने उन्हें रोक दिया और स्कूल से बाहर निकाल दिया।

यहां तक कहा कि यह सब पाखंड है। विद्यार्थियों को इसमें नहीं पड़ना चाहिए। इस बारे में हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को सूचना मिली। जिस पर पंडित उदयवीर शास्त्री, चिराग सिंघल सहित काफी संख्या में हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को तिलक लगाकर स्कूल में आने से रोकने का विरोध किया।

पहले भी कई बार हो चुकी इस तरह की घटना

पंडित उदयवीर शास्त्री ने कहा कि पहले भी स्कूलों में इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। जिसका विरोध किया गया। शिक्षकों तक ने इस कृत्य पर माफी मांगी है। शशि गुप्ता भी पहले अपने लेक्चर में हिंदू धर्म को पाखंड बता चुका है। अब उसने तिलक लगाकर स्कूल में आने से विद्यार्थियों को रोक दिया। तिलक लगाना सनातन संस्कृति है। यदि कोई भी इस तरह से विद्यार्थियों को रोकेगा तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों की हुई तीखी बहस

इस दौरान शशि गुप्ता के साथ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों की तीखी बहस भी हुई। पुलिस ने उन्हें समझा बुझकर शांत किया। शशि गुप्ता का कहना है कि उनका कोई ऐसा मकसद नहीं था। आगे से वह किसी भी छात्र को तिलक लगाने से नहीं रोकेगा। जो भी हुआ उसके लिए वह माफी मांगते हैं। शहर यमुनानगर थाना प्रभारी पृथ्वी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों का समझौता हो गया है।

उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य एसके नरूला ने कहा कि फिलहाल स्कूल की छुट्टियां है। वह खुद तिलक लगाकर स्कूल में आते हैं। इस तरह से छात्रों को रोकना गलत है। संस्था के संस्थापक को भी इस बारे में कहा गया है और समर कैंप बंद करा दिया गया है।