यमुनानगर में 13 मई का समझौता लागू न होने पर भड़के सफाई कर्मचारी, कचरा उठान रोक; सड़कों पर निकाला रोष मार्च
यमुनानगर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 25वें दिन भी जारी रही और इसे 2 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।
-1788145923607_m.webp)
कचरा उठान रोक (फोटो: जागरण)
HighLights
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 2 सितंबर तक बढ़ाई गई।
सरकार पर 13 मई का समझौता तोड़ने का आरोप।
कचरा उठान को लेकर एजेंसी से हुई तकरार।
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। शहर के डंपिंग प्वाइंटों से कचरा उठान को लेकर नगर निगम सफाई कर्मचारियों व डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य कर रही एजेंसी के कर्मचारियों में तकरार जारी है। रविवार को जगाधरी वर्कशाप, जगाधरी रोड सहित अन्य कई स्थानों पर दोनों पक्षों में तनातनी हुई।
एजेंसी के कर्मचारी वाहन लेकर जैसे ही कचरा उठाने के लिए पहुंचे तो निगम सफाई कर्मचारी भी पहुंच गए और कचरा उठाने का विरोध किया। एजेंसी के कर्मचारियों पर लगातार हड़ताल में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने किनारे पर पड़े कचरे को सड़कों पर बिखेर दिया।
मांगों पर सहमति के बावजूद लिखित आदेश जारी नहीं होने से नाराज नगरपालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों का आंदोलन लगातार 25वें दिन भी जारी रहा। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शहर में रोष मार्च निकाला। प्र
दर्शन की अध्यक्षता नगरपालिका शाखा प्रधान पपला और अग्निशमन जिला उपप्रधान वीरेंद्र धीमान ने संयुक्त रूप से की। जबकि संचालन पालिका शाखा सहसचिव संजीत और अग्निशमन जिला कोषाध्यक्ष ललित कुमार ने किया। कर्मचारियों ने नगर निगम से वर्कशाप रोड, बस स्टैंड होते हुए वापस नगर निगम तक प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों को हैंडबिल वितरित किए गए।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार 13 मई को हुए समझौते को लागू करने से पीछे हट रही है। समझौते में कर्मचारियों को पक्का करने, सफाई व सीवरमैन की नियमित भर्ती, ठेका प्रथा समाप्त करने, शहीद फायर कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जोखिम भत्ता सहित 17 मांगों पर सहमति बनी थी।
