हरभजन हत्याकांड: 17 गोलियों से कत्ल के बाद हड़कंप, पूर्व विधायक से नजदीकी और गैंग कनेक्शन पर STF की नजर
यमुनानगर में ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की हत्या के बाद पुलिस को बाइक सवार शूटरों और गैंग कनेक्शन की आशंका ने पुरानी वारदात से जोड़ा है।

हरभजन हत्याकांड: 17 गोलियों से कत्ल के बाद हड़कंप (फाइल फोटो)
HighLights
हरभजन सिंह की जिम के बाहर 17 गोलियां मारकर हत्या।
इंस्टाग्राम पर शुभम पंडित गैंग ने ली हत्या की जिम्मेदारी।
पुलिस पुरानी वारदात और पूर्व विधायक से कनेक्शन खंगाल रही।
जागरण संवाददाता. यमुनानगर। जिले में दो साल में जिम के बाहर हुई दो खूनी वारदातों ने पुलिस को एक ही तरीके की ओर इशारा किया है। 26 दिसंबर 2024 को खेड़ी लक्खा सिंह में शराब ठेकेदार, भाजपा नेता के भाई सहित तीन लोगों की हत्या और अब माडल टाउन में ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की हत्या, दोनों मामलों में बाइक सवार शूटर व एक ही गैंग का नाम सामने आना जांच में अहम कड़ी बन गया है।
हरभजन हत्याकांड के बाद इंस्टाग्राम पर गैंग से जुड़े एक लाख रुपये के इनामी शुभम पंडित के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट वायरल हो रही है।
हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, बावजूद इसके गैंग कनेक्शन की आशंका को देख एसटीएफ भी जांच में जुट गई है। जांच एजेंसियां पता लगाने में जुटी है कि पोस्ट किसने व कहां से अपलोड की। साथ ही पोस्ट डालने वाले अकाउंट व हत्या में शामिल शूटरों के बीच संपर्क था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
2024 में भी जिम के बाहर तीन को गोलियों से भून डाला
26 दिसंबर 2024 की खेड़ी लक्खा सिंह वाली वारदात में बाइक सवार शूटर पहुंचे थे और जिम से बाहर निकले पंकज मलिक (शामली, यूपी), वीरेंद्र राणा (गोलनी) व अर्जुन राणा (उन्हेड़ी) को सुबह करीब 7:30 बजे गोलियों से भून डाला था।
तब करीब 50 से अधिक गोलियां चली थीं। अब माडल टाउन में भी बाइक सवार शूटरों ने जिम के बाहर निकले ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की करीब 17 गोलियां चलाकर हत्या कर दी। दोनों वारदात की समानता ने पुलिस को दोनों के बीच संभावित कनेक्शन तलाशने पर मजबूर किया है।
शूटर, रूट व बैकअप टीम तक पहुंचने में जुटी पुलिस
हरभजन हत्याकांड की जांच में पुलिस को सीसीटीवी में बाइक सवार संदिग्ध दिखाई दिए हैं। उनके हुलिए का मिलान कर दूसरे कैमरों की फुटेज से उनका रूट तलाशा जा रहा है। आसपास कई अन्य सीसीटीवी खंगाले गए हैं, कुछ कैमरे बंद भी मिले। पुलिस को आशंका है कि बाइक पर पहुंचे शूटर अकेले नहीं थे।
उनके लिए कोई बैकअप टीम कार या किसी दूसरे वाहन में मौजूद हो सकती है। वारदात के बाद शूटरों को दूसरे वाहन से शहर से बाहर ले जाने की संभावना को जांच में शामिल किया गया है। ऐसे में पुलिस सिर्फ गोली चलाने वालों की तलाश नहीं कर रही, बल्कि उनके मददगारों व पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।
इस एंगल पर भी जांच: पूर्व विधायक से नजदीकी व पुरानी रंजिश
हरभजन सिंह के बेटे दिलबाग ने पिता की पूर्व विधायक दिलबाग सिंह से नजदीकी को हत्या की संभावित वजह बताया है। वर्ष 2015 के पुराने विवाद को लेकर भी शक जताया।
पुलिस इस एंगल को भी जांच में शामिल कर रही है। पूर्व विधायक से जुड़े लोगों पर वर्ष 2017 से धमकी व फायरिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं। पुलिस इन घटनाओं और हरभजन हत्याकांड के बीच किसी संभावित कड़ी की जांच कर रही है।
आज होगा संस्कार
हरभजन सिंह को एक गोली सिर व एक छाती में फंसी मिली थी। हालांकि वीरवार को ही पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया था, पर हरभजन के आस्ट्रेलिया गए बेटे के आने के इंतजार में स्वजनों ने संस्कार नहीं किया। स्वजनों के अनुसार हरभजन सिंह का संस्कार शनिवार (आज) को होगा।
मामले में अलग-अलग टीमें लगी हैं। संभावित स्थानों पर निगरानी की जा रही है और बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राकेश कुमार, प्रभारी, सीआईए-2।
