1000 लड़कों पर सिर्फ 348 लड़कियां, हरियाणा के 27 गांवों में बिगड़ा लिंगानुपात
यमुनानगर में गिरते लिंगानुपात पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है, जहां 27 गांवों में बेटियों की संख्या चिंताजनक रूप से कम पाई गई है।

यमुनानगर में गिरते लिंगानुपात पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।
HighLights
यमुनानगर के 27 गांवों में लिंगानुपात 900 से कम।
स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए।
अवैध भ्रूण लिंग जांच रोकने को हेल्पलाइन नंबर जारी।
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। गिरते लिंगानुपात पर सरकार की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में हैं। गर्भवतियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर नोटिस दिए जा रहे हैं। जिन एरिया व गांवों में लिंगानुपात 900 से कम है, उनके एएनएम, आशा व कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर को नोटिस दिए गए हैं। जिले में ऐसे 27 गांव चिह्नित हुए हैं। इनमें से कई गांवों में लिंगानुपात चिंताजनक है। एक हजार लड़कों के मुकाबले 350 से 500 तक हैं। इसलिए ही नोटिस देकर जवाब मांगे जा रहे हैं।
जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगामी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग जांच के बारे में सूचना देने के लिए 7015995370 नंबर भी सार्वजनिक किया है।
जिले में इस समय 917 लिंगानुपात है। यानि एक हजार लड़कों पर 917 लड़कियां हैं। गांवों में हालात काफी खराब हैं। जिन एरिया में लिंगानुपात कम है वहां पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आशा व एएनएम को विशेष ध्यान रखने और गर्भवतियों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन महिलाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है, जिनकी दो या उससे अधिक बेटियां हैं। विभाग ने हर गर्भवती महिला का रिकार्ड रखने के लिए आशा वर्करों की जिम्मेदारी तय की है। जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया जा रहा है।
इन एरिया में हालात गंभीर
लिंगानुपात की बात करें तो गांव महलावाली में 348, कामी माजरा में 500, जागधौली में 524, खदरी में 524, बीबीपुर में 536, उन्हेड़ी में 600, ममीदी में 640, गुमथला में 640, तलाकौर में 650, सारन में 650, मंडी में 684, गोबिंदपुरा में 735, लापरा महमूदपुर में 755, खजूरी में 762, छछरौली में 768, मलिकपुर खादर में 774, अलाहर में 778, रतनपुरा में 789, टिब्बीराइयां में 792, शिवपुरी ए में 793, बूड़िया में 808, बाल छप्पर में 833, चूहड़पुर कलां में 933, साढौरा में 853, प्रतापनगर में 875, नागल पत्ती में 889 व दयालगढ़ में 897 है।
पड़ोसी राज्य में पकड़े जा रहे मामले
पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच हो रही है। पीएनडीटी टीम की गत वर्षों में की गई रेड में अधिकतर का लिंक उत्तर प्रदेश में ही मिला है। इस वर्ष में भी पीएनडीटी की टीम ने अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए कई बार जाल बिछाया लेकिन कोई भी पकड़ में नहीं आया।
कई प्रयासों के बाद पीएनडीटी की टीम ने एक महिला व युवक को अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अंबेहटा चांद व देवबंद से पकड़ा।
जिन एरिया में लिंगानुपात कम है। वहां पर निगरानी रखी जा रही है। आशा, एएनएम व सीएचओ को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। उन एरिया में जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। -डॉ. विपिन गोंदवाल, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी।
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