यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यमुनानगर की सब्जी मंडियां कल से रहेंगी बंद, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए आढ़ती; अब बाजार में बढ़ जाएंगे सब्जी के दाम
हरियाणा के यमुनानगर के सब्जी मंडी के आढ़तियों ने 10 फरवरी से अनिश्चितकाल की हड़ताल की घोषणा कर दी है। आढ़ती दो प्रतिशत मार्केट व एचआरडीएफ फीस को वापस ...और पढ़ें

HighLights
- यमुनानगर की सब्जी मंडियां कल से रहेंगी बंद
- अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए आढ़ती
- अब बाजार में बढ़ जाएंगे सब्जी के दाम
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। Haryana News: 21 दिसंबर को एक दिन की हड़ताल के बाद मांग पूरी नहीं होने पर सब्जी मंडी के आढ़तियों ने 10 फरवरी से अनिश्चितकाल की हड़ताल की घोषणा कर दी है। आढ़ती दो प्रतिशत मार्केट व एचआरडीएफ फीस को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
10 फरवरी से बंद रहेंगी सब्जी मंडियां
यमुनानगर सब्जी मंडी फेस टू में प्रधान सुरेश नंबरदार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 10 फरवरी से अनिश्चितकाल के लिए सब्जी मंडी को पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रधान ने कहा कि जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करेगी, सब्जी मंडियां बंद रहेगी। इसके सरकार जिम्मेदार है।
फीस बंद के बजाए मांग रहे एडवांस
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में मार्केट फीस को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया था। कोरोना काल में भाजपा सरकार ने इसको यह बताकर शुरू किया था कि कोरोना के बाद फीस बंद कर दी जाएगी। अब सरकार मनमानी कर रही है।

आढ़ती काम बंद करे तो एडवांस भी नहीं मिलेगा
फीस बंद करने के बजाए एक एक प्रतिशत मार्किट फीस व एचआरडीएफ फीस एकमुश्त एडवांस में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि आने वाले एक साल में किस तरह का कोरोबार होगा। यह कोई नहीं बता सकता। यदि आढ़ती काम बंद करेगा तो उसका एडवांस भी वापस नहीं मिलेगा।
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21 दिसंबर को सरकार ने दिया था समाधान का आश्वासन
आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है। यह आदेश पूरी तरह से गलत है। 21 दिसंबर को सरकार ने समस्याओं का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक समस्या का ठोस समाधान नहीं किया गया।
एक दिन में डेढ़ करोड़ का कारोबार प्रभावित
जिले में यमुनानगर, रादौर, साढौरा, बिलासपुर, जगाधरी, सरस्वती नगर, छछरौली, प्रतापनगर सहित 350 सब्जी के आढ़ती है। एक दिन में सब्जी का डेढ़ करोड़ होता है। हड़ताल से आमजन के अलावा सरकार के राजस्व को भी बड़ा नुकसान होगा।
संभव नहीं एक साल की एडवांस फीस देनी
आढ़ती रामलाल, विपिन कांबोज, अशोक गर्ग, किशन लाल, शुभम कांबोज, टिंकू, जस्सी, रविंद्र कुमार गुलाटी, दीपक पासवान, जितेंद्र कांबोज, जोगिंद्र कांबोज का कहना है कि मजबूरी में दोबारा से हड़ताल करनी पड़ रही है। कोई भी व्यापारी हड़ताल करने के पक्ष में नहीं होता।
उन्होंने कहा कि सरकार के नए आदेश का भार आमजन पर भी पड़ेगा। एडवांस फीस के लिए महंगाई बढ़ जाएगी। एडवांस फीस जमा करना आढ़तियों के लिए संभव भी नहीं है। इस डर के कारण आढ़ती काम भी छोड़ सकते हैं।