हिमाचल में पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाना सही नहीं, डीलर एसोसिएशन ने जताई चिंता; ...राज्य को होगा बड़ा नुकसान
हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने के सरकारी फैसले पर चिंता जताई है। बिलासपुर में हुई बैठक में एसोसिएशन ने इ ...और पढ़ें
HighLights
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सेस लगाने का विरोध किया।
इसे हिमाचल की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम बताया।
एसोसिएशन मुख्यमंत्री से मिलकर कानूनी विकल्प तलाशेगी।
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की प्रदेशस्तरीय बैठक बिलासपुर में हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुकुमार सिंह चंदेल ने की। बैठक में पेट्रोल व डीजल पर वेल्यू एडेड टैक्स (वैट) के साथ अतिरिक्त सेस लगाने के प्रदेश सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए इस कदम को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती बताया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि एसोसिएशन की शिमला इकाई मुख्यमंत्री व राज्यपाल से व्यक्तिगत रूप से मिलकर सरकार के समक्ष व्यापारिक, कानूनी और राजस्व से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपना पक्ष रखेगा।
हिमाचल में बिक्री हुई कम
सुकुमार ने कहा कि वर्ष 2022 में जब हिमाचल में वैट पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम था तब प्रदेश की कुल बिक्री 12 लाख किलोलीटर थी। इसके विपरीत वर्ष 2025 में बिक्री घटकर मात्र नौ लाख किलोलीटर रह गई है। अब सरकार ने सेस लगाया गया तो हिमाचल में पेट्रोल व डीजल की बिक्री में और भी बड़ी गिरावट आएगी। आपरेटर अन्य राज्यों से पेट्रोल व डीजल खरीदना शुरू कर देंगे। इससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
फंड के उपयोग की ठोस योजना भी नहीं
उन्होंने कहा कि सरकार के पास सेस के लाभार्थियों अनाथ व विधवाओं का कोई स्पष्ट आंकड़ा व फंड के उपयोग की ठोस योजना भी नहीं है। ऐसे में बिना किसी ब्लूप्रिंट के वैट प्रणाली में इस तरह के नए प्रविधान जोड़ना भविष्य के लिए एक गलत परंपरा को जन्म देगा। पड़ोसी राज्यों में व्यापार शिफ्ट होने से केवल प्रदेश का ही नुकसान होगा।
इस विषय पर कानूनी विशेषज्ञों से निरंतर परामर्श ले रहा है। यदि बातचीत से संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाने पर विचार किया जाएगा।
सप्लाई पूरी तरह से सुचारू
बैठक में हिमाचल पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि वर्तमान में प्रदेश के कोने-कोने में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम व इंडियन आयल द्वारा पर्याप्त मात्रा में स्टाक उपलब्ध करवाया जा रहा है जिससे किसी भी क्षेत्र में ईंधन की कोई कमी नहीं है।