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    बिलासपुर के ठाकुर परिवार की तीसरी पीढ़ी सेना में, कर्णवीर बने लेफ्टिनेंट; कर्नल दादा ने बताए पोते के किस्से

    By Munish Ghariya Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 10 Mar 2026 02:48 PM (IST)

    बिलासपुर के निचली भटेड़ गांव के कर्णवीर सिंह ठाकुर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण पूरा ...और पढ़ें

    बिलासपुर के कर्णवीर ठाकुर पिता कर्नल विक्रम सिंह व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ।

    बिलासपुर के कर्णवीर ठाकुर पिता कर्नल विक्रम सिंह व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ।

    HighLights

    1. बिलासपुर के कर्णवीर सिंह ठाकुर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने।

    2. परिवार की तीसरी पीढ़ी देश सेवा में, दादा-पिता भी सेना में।

    3. चेन्नई अकादमी से प्रशिक्षण के बाद असम रेजिमेंट में सेवाएं देंगे।

    संवाद सहयोगी, बरमाणा (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर कर्णवीर सिंह ठाकुर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। वह पंचायत निचली भटेड़ के खंगड़ निवासी हैं। कर्णवीर सिंह ठाकुर कर्नल विक्रम सिंह ठाकुर के पुत्र हैं। उन्होंने 7 मार्च 2026 को आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लेफ्टिनेंट के पद पर भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया है। अब वे असम रेजिमेंट में सेवाएं देंगे।

    तीसरी पीढ़ी सेना में

    कर्णवीर सिंह ठाकुर ऐसे परिवार से संबंध रखते हैं, जहां तीन पीढ़ियों से देश सेवा की परंपरा चली आ रही है। उनके पिता कर्नल विक्रम सिंह ठाकुर भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता नरिशा ठाकुर गृहिणी हैं। उनके दादा कर्नल रामधन वर्मा भी भारतीय सेना से सेवानिवृत हुए हैं और उनके चाचा ग्रुप कैप्टन अजय सिंह ठाकुर भारतीय वायुसेना में उच्च पद पर हैं। 

    कर्नल दादा ने साझा किए अनुभव

    दादा कर्नल रामधन वर्मा ने बताया कि कर्णवीर बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे और अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता पर परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 

    कर्णवीर युवाओं के लिए भी प्रेरणा

    ग्रामीणों का कहना है कि कर्णवीर सिंह ठाकुर की इस उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी देश सेवा के लिए आगे बढ़ेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी कर्णवीर को शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है।

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