विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चंबा कार हादसा: प्रशिक्षु चिकित्सक बेटे के शव से लिपट फूट-फूटकर रोया पिता, रावी में बही युवती की तलाश में भटक रहा परिवार

Published: Tue, 23 Sep 2025 11:59 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 23 Sep 2025 12:00 PM (GMT+05:30)

Chamba car accident चंबा में एक कार दुर्घटना में प्रशिक्षु चिकित्सक अखिलेश की मौत हो गई जिससे उनके परिवार में ...और पढ़ें

चंबा में रावी में बही प्रशिक्षु डॉक्टर की तलाश में जुटी पुलिस। जागरण
चंबा में रावी में बही प्रशिक्षु डॉक्टर की तलाश में जुटी पुलिस। जागरण

संवाद सहयोगी, चंबा। Chamba car accident, 'मैं पांच साल पहले बेटे अखिलेश का मेडिकल कालेज चंबा में दाखिला करवाने आया था, आज उसका शव ले जा रहा हूं। मेरी तो दुनिया ही लुट गई। सबकुछ खत्म हो गया, कभी सोचा नहीं था कि यह दिन भी देखना पड़ेगा।' यह व्यथा उस पिता की है जिसने अपने बेटे के लिए हजारों सपने देखे थे।

कार हादसे में मारे गए प्रशिक्षु चिकित्सक (इंटर्न) अखिलेश के पिता राजकुमार ने सोमवार को चंबा मेडिकल कालेज में अपने बेटे का शव देखा तो वह सुधबुध खो बैठे। उनकी पथराई आंखों को विश्वास नहीं हो रहा था कि स्ट्रेचर पर लेटाया गया आदमी उनका बेटा अखिलेश ही है।

वह शव के साथ लिपटकर फूट-फूटकर रोए। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ उनको ढांढस बंधाती रही। अखिलेश हमीरपुर जिले के उपमंडल बड़सर की ग्राम पंचायत जमली के गांव लफ्रांण का रहने वाला था। राजकुमार निजी स्कूल चलाते हैं। अखिलेश की मां सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कर स्वजन को सौंप दिया गया।

इशिका को ढूंढ रही पिता विजय की पथराई आंखें 

कार हादसे में रावी में बही प्रशिक्षु चिकित्सक (इंटर्न) इशिका को खोजने के लिए सोमवार को दिनभर सर्च अभियान चलाया गया लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। हाटकोटी, जिला शिमला निवासी इशिका के पिता विजय कुमार भी सोमवार सुबह ही चंबा पहुंच गए थे। वह प्रशासन से गुहार लगा रहे थे कि उनकी बेटी को जल्द खोजो। विजय कुमार को अब भी उम्मीद है कि उनकी बेटी जीवित है। मानों उनकी आंखें रावी से पूछ रही हों, बता-हमारी बेटी कहां है। विजय कुमार गणित के लेक्चरर हैं। इशिका की मां भी अध्यापिका है। इशिका की एक और भी बहन है।

इशिका को खोजने के लिए सोमवार को पुलिस, अग्निशमन विभाग, गोताखोरों के साथ ही ड्रोन की मदद भी ली गई। स्थानीय लोगों ने भी खोजने का प्रयास किया। परेल से राजनगर तक आठ से 10 किलोमीटर के हिस्से में सर्च अभियान चलाया गया लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। कियाणी व राजनगर के नजदीक चमेरा-एक जलाशय में भी खोजने का प्रयास किया लेकिन पानी अधिक व मटमैला होने के कारण सफलता हाथ नहीं लगी। मंगलवार को फिर से खोज अभियान चलाया जाएगा।

यह है मामला

चंबा-पठानकोट एनएच पर रविवार तड़के लगभग तीन बजे चंबा-पठानकोट एनएच पर परेल घार में कार अनियंत्रित होकर रावी में गिर गई थी। हादसे में प्रशिक्षु चिकित्सक (इंटर्न) अखिलेष की मौत हो गई थी, इशिका रावी में बह गई थी और दिव्यांक पुत्र सतीश शर्मा निवासी गांव विशा, तहसील व डाकघर कंडाघाट, जिला सोलन और रिशांत पुत्र प्रताप चंद निवासी गांव भ्राड़ा, तहसील एवं डाकघर कुमारसैन, शिमला घायल हो गए थे। अखिलेश की शनिवार को जन्मतिथि थी। शनिवार रात को चंबा से पांच किलोमीटर दूर बालू में अखिलेश की जन्मतिथि मनाने के बाद परेल की ओर आ रहे थे। रविवार तड़के लगभग तीन बजे परेल घार में कार अचानक अनियंत्रित होकर रावी नदी में जा गिरी। यहां पर सड़क काफी क्षतिग्रस्त है।

यह भी पढ़ें- Himachal News: 12 साल के बच्चे को तीन महिलाओं ने पीटा फिर कर दिया कमरे में बंद, प्रताड़ना से तंग मासूम ने निगला जहर

 

प्रशिक्षु चिकित्सक (इंटर्न) को खोजने के लिए रविवार को अभियान चलाया गया लेकिन युवती का पता नहीं चल पाया। मंगलवार को भी युवती को खोजने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

-अभिषेक यादव, एसपी चंबा।

यह भी पढ़ें- शिमला युग मर्डर केस: उम्रकैद में बदला मृत्युदंड, पत्थर बांधकर टैंक में फेंक दिया था 4 साल का मासूम; पिता बोले- न्याय नहीं मिला

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।