मणिमहेश यात्रा रास्ते पर अब भी खतरे के निशान, संकरे रास्ते, भूस्खलन और दलदल देख भड़के DC; अफसरों को 15 दिन का अल्टीमेटम
मणिमहेश यात्रा मार्ग पर निरीक्षण के दौरान संकरे रास्ते, दलदल और भूस्खलन का खतरा पाया गया। उपायुक्त चंबा ने विभागों को 15 दिन में सभी अधूरे कार्य पूरे ...और पढ़ें

मणिमहेश यात्रा मार्ग पर मंडराया खतरा, उपायुक्त ने दिए 15 दिन में सुधार के निर्देश।
HighLights
यात्रा मार्ग पर संकरे रास्ते, दलदल, भूस्खलन का खतरा बरकरार
उपायुक्त ने 15 दिन में कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया
पर्यावरण संरक्षण, वैकल्पिक मार्ग पर भी विशेष ध्यान
जागरण संवाददाता, चंबा। उतर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा आरंभ होने से पहले जिला प्रशासन के निरीक्षण में तैयारियों की हकीकत सामने आ गई। हड़सर से डल झील तक कई स्थानों पर संकरे रास्ते, दलदल, टूटे डंगे और भूस्खलन का खतरा अब भी बरकरार मिला। हालात देखकर उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने संबंधित विभागों को फटकार लगाते हुए 15 दिन के भीतर सभी अधूरे कार्य हर हाल में पूरे करने का अल्टीमेटम दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समय में काम पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक दल ने पाया कि हड़सर से डल झील तक कई स्थानों पर पैदल मार्ग अभी भी अत्यंत संकरा है। कई जगह दलदल जैसी मिट्टी बनी हुई है, जो लगातार बारिश के दौरान धंस सकती है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में अब भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मार्ग के किनारे बने कई डंगे क्षतिग्रस्त मिले, जिनकी तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी प्रशासन ने इस बार सख्ती दिखाई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की अवहेलना रोकने के लिए प्रत्येक सेक्टर अधिकारी की जिम्मेदारी तय की है। डल झील क्षेत्र में गंदगी फैलाने, अवैध दुकानें लगाने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए एडीएम भरमौर की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है, जो यात्रा अवधि के दौरान लगातार निगरानी करेगी। उपायुक्त ने कहा कि मणिमहेश यात्रा प्रदेश की आस्था से बड़ा आयोजन है। इसलिए यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा, संचार और आपदा प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं तय समय के भीतर पूरी करना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है।
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हड़सर से धनछो के बीच बनेगा वैकल्पिक रास्ता
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को जल्द मरम्मत कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। यात्रा मार्ग पर सबसे अधिक क्षतिग्रस्त रहे हड़सर से धनछो के बीच वाले हिस्से के लिए इस बार प्रशासन वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रहा है। यह मार्ग आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही धणछो नाले सहित अन्य संवेदनशील स्थलों पर अस्थायी पुलों के निर्माण कार्य को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कुगती पास से लाहौल और कुगती क्षेत्र के लोगों को ही जाने की अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुगती पास से केवल लाहौल और कुगती क्षेत्र के स्थानीय लोगों को ही आवाजाही की अनुमति होगी। बाहरी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इस मार्ग का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक दल ने हड़सर से डल झील तक लगी कई दुकानों की जांच भी की।
इस दौरान कुछ दुकानों में बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू उत्पाद पाए गए। प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों का सामान तत्काल जब्त कर दुकानों को सील कर दिया। फिलहाल चालान नहीं किए गए, लेकिन सभी दुकानदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि यदि दोबारा प्रतिबंधित सामग्री बेचते पाए गए तो दुकान का लाइसेंस रद्द कर स्थायी रूप से सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
मणिमहेश यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा से भी जुड़ी है। निरीक्षण के दौरान जहां-जहां कमियां मिली हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और सभी विभाग समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करें।' -मुकेश रेप्सवाल,उपायुक्त, चंबा