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हिमाचल में SDM और BDO के मिले दिल, लिए सात फेरे; पांगी में तैनात हैं दोनों युवा HAS अधिकारी अमनदीप और आस्था

By Krishan Chand RanaEdited By: Rajesh Sharma
Updated: Thu, 20 Aug 2026 04:16 PM (IST)

पांगी घाटी में तैनात युवा एसडीएम अमनदीप सिंह और बीडीओ आस्था पवार ने शादी कर ली है, जिससे यह दुर्गम क्षेत्र उनकी कर्मभूमि के साथ-साथ जीवन के नए अध्याय का साक्षी बन गया।

एसडीएम अमनदीप और बीडीओ आस्था पवार।

एसडीएम अमनदीप और बीडीओ आस्था पवार।

HighLights

  1. पांगी घाटी में तैनात युवा एसडीएम और बीडीओ ने की शादी।

  2. अमनदीप सिंह और आस्था पवार ने दुर्गम क्षेत्र को बनाया कर्मभूमि।

  3. स्थानीय लोगों ने नवविवाहित जोड़े को दीं सुखद जीवन की शुभकामनाएं।

कृष्ण चंद राणा, पांगी (चंबा)। हिमाचल प्रदेश के चंबा में दुर्गम पहाड़ों के बीच बसी पांगी घाटी अक्सर अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के लिए चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार यहां की कहानी कुछ अलग है। पांगी में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने पहुंचे दो युवा अधिकारियों ने इसी घाटी को अपनी कर्मभूमि ही नहीं, बल्कि अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का साक्षी भी बना दिया। पांगी में तैनात दो युवा अफसरों ने सात फेरे ले लिए हैं। एसडीएम और बीडीओ की शादी लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी है।

18 अगस्त 2026 को पांगी के आवासीय आयुक्त एवं एसडीएम अमनदीप सिंह और खंड विकास अधिकारी आस्था पवार विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। उनके विवाह की खबर जैसे ही पांगी क्षेत्र में पहुंची, लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

बताया जा रहा है दोनों युवा अधिकारी एक-दूसरे को पसंद करते थे। इसके बाद दोनों ने एक होने का फैसला लिया। दो दिन पहले उन्होंने लव मैरिज कर ली।

शिमला और सोलन निवासी हैं दोनों अफसर

अमनदीप सिंह शिमला जिला के ठियोग से संबंध रखते हैं और पांगी में आवासीय आयुक्त एवं एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं आस्था पवार सोलन से संबंध रखती हैं और पांगी विकास खंड में बीडीओ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। दोनों अधिकारी अलग-अलग प्रशासनिक दायित्वों के बीच पांगी की विकास प्रक्रिया का हिस्सा बने हुए हैं।

लोगों के लिए खास बन गया मूमेंट

पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में किसी अधिकारी का लंबे समय तक सेवाएं देना अपने आप में चुनौतीपूर्ण माना जाता है। सड़क, मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाना आसान नहीं होता। ऐसे माहौल में दोनों अधिकारियों का पांगी को अपनी कर्मभूमि स्वीकार करना और इसी दौरान जीवन के नए सफर की शुरुआत करना क्षेत्र के लोगों के लिए भी खास बन गया है।

कर्मभूमि से जीवनसाथी तक का सफर

स्थानीय लोगों के बीच दोनों अधिकारियों की शादी को लेकर अलग तरह की चर्चा है। लोगों का कहना है कि सामान्य तौर पर जब किसी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में होता है तो कई लोग यहां आने को लेकर संकोच करते हैं। लेकिन अमनदीप सिंह और आस्था पवार ने कठिनाइयों के बजाय अपने कर्तव्य को महत्व दिया और पांगी में पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दीं।

लोगों का मानना है कि दोनों अधिकारियों का यहां रहना और अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत भी इसी क्षेत्र से करना पांगी के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि दोनों अधिकारी अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ पांगी के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

लोगों ने दी सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं

दोनों अधिकारियों के विवाह की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। लोगों ने नवविवाहित जोड़े के सुखद, सफल और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि पांगी ने दोनों अधिकारियों को उनकी कर्मभूमि के रूप में अपनाया और अब यही घाटी उनके जीवन के एक खूबसूरत अध्याय की गवाह भी बनी है।

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