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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal Landslide: चंबा में भयावह हुए हालात, बारिश व भूस्खलन से खतरे में भवन, चंबा-भरमौर NH सहित 102 सड़कें बंद

    Updated: Sat, 02 Aug 2025 12:08 PM (IST)

    Himachal Pradesh News चंबा जिले में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन से 102 सड़कें बंद हैं और 234 ट्रांसफॉर्मर ठप होने से बिजल ...और पढ़ें

    चंबा में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का भयावह मंजर।
    चंबा में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का भयावह मंजर।

    HighLights

    1. भूस्खलन के कारण खतरे में हैं कई घर
    2. भारी बारिश से 102 सड़कें और 234 ट्रांसफॉर्मर ठप
    3. पेयजल परियोजनाएं भी प्रभावित

    जागरण टीम, चंबा। Himachal Pradesh News, हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ों के दरकने, सड़क मार्गों के अवरुद्ध होने और मकानों के खतरे में आने से हालात भयावह बन गए हैं। जिले के सभी उपमंडलों चंबा, डलहौजी, तीसा, सलूणी, भरमौर, पांगी और भटियात में वर्षा जारी है। इससे सड़क, बिजली और जलापूर्ति ढांचे पर व्यापक असर पड़ा है।

    जिले के उपमंडलों तीसा, सलूणी,डलहौजी और भरमौर में प्रशासन को एहतियातन स्कूल बंद करने पड़े हैं। वहीं कई गांवों और क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट चुका है।

    जहां कई गांवों में पानी और कीचड़ की वजह से हालात बदतर हैं, वहीं जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। नैनीखड्ड-खैरी मार्ग पर पहाड़ी दरकने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। 

    लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में कुल 171 सड़कें बाधित थीं, जिनमें से मात्र 69 को बहाल किया जा सका है, जबकि 102 सड़कें अब भी बंद हैं। अकेले भटियात उपमंडल में 150 सड़कें प्रभावित हैं, जिनमें से 81 अब भी बाधित हैं। चंबा–भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग जांघी के पास बंद है, जबकि चंबा–पठानकोट, बनीखेत–डलहौजी, खज्जियार, सलूणी और पांगी (साच मार्ग) हल्के वाहनों के लिए खुले हैं।

    भरमौर व होली का संपर्क कटा

    चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जांघी के पास हुए भूस्खलन ने तो भरमौर और होली उपमंडलों को जिला मुख्यालय से पूरी तरह काट दिया है। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मार्ग बहाली में जुटी हुई है, लेकिन बारिश के चलते कार्य में रुकावटें आ रही हैं।

    234 ट्रांसफार्मर ठप होने से चरमराई बिजली आपूर्ति

    बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है। जिले में कुल 269 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए थे, जिनमें से केवल 35 को ही बहाल किया जा सका है। 234 अब भी बंद हैं। तीसा, सलूणी, भटियात जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर अब भी बंद हैं, जिससे व्यापक स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित है।

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    पेयजल योजनाएं भी ठप

    जल शक्ति विभाग की 126 जल योजनाएं प्रभावित हुई थी, जिनमें से 45 अब भी ठप हैं। तीसा और सलूणी में सभी योजनाएं अब भी बहाल नहीं हो पाई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और बारिश के दौरान सतर्कता बरतें।

    बनीखेत में भूस्खलन से भवन को खतरा

    वहीं बनीखेत पेट्रोल पंप के समीप हुए भूस्खलन के कारण एक रिहायशी भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है। सुदली पंचायत के डाल गांव में मकान का डंगा गिर गया है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। सुंडला- सलूणी मार्ग पर भारी मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

    प्रशासन ने जारी की एडवायजरी

    उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि तीसा, सलूणी,डलहौजी और भरमौर में वर्षा जनित संभावित आपदा को ध्यान में रखते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।

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