यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Manimahesh Yatra Heli Taxi: ऑनलाइन मिलेगा मणिमहेश के लिए हेली टैक्सी का टिकट, 720 रुपये कम रहेगा इस बार किराया
Manimahesh Yatra Heli Taxi मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। पहली बार हेली टैक्सी सेवा की बुकिंग ऑनलाइन कर दी गई है। 16 से 31 ...और पढ़ें

HighLights
- घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से टिकट करें बुक
- काउंटर से टिकट लेने का झंझट खत्म
- 16 से 31 अगस्त तक चलेगी मणिमहेश यात्रा
सुरेश ठाकुर, चंबा। Manimahesh Yatra Heli Taxi, उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। पहली बार हेली टैक्सी सेवा की बुकिंग पूरी तरह आनलाइन कर दी गई है। इस बार 16 से 31 अगस्त तक चलने वाली मणिमहेश यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भरमौर पहुंचकर टिकट के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने, दलालों के पीछे भागने और ब्लैक में टिकट नहीं लेनी पड़ेगी।
मणिमहेश न्यास ने इस बार बुकिंग प्रक्रिया को निजी कंपनियों की साइट से हटाकर सीधे न्यास के पोर्टल से जोड़ दिया है। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। आनलाइन बुकिंग प्रणाली, कम किराया, तीन साल का अनुबंध और प्रशासन की पारदर्शी कार्यप्रणाली ने इस बार की यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए पहले से कहीं अधिक सुगम, सस्ती बना दिया है।
पहले घंटों कतारों में खाने पड़ते थे धक्के
अब तक मणिमहेश यात्रा के दौरान हेली टैक्सी सेवा की बुकिंग केवल भरमौर जाकर ही संभव थी, जिस कारण श्रद्धालुओं को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कई बार टोकन सिस्टम और एजेंटों की ब्लैक मार्केटिंग से लोगों को कठिनाई झेलनी पड़ती थी। इस बार न्यास ने आनलाइन बुकिंग को ही मान्य कर दिया है और आफलाइन व्यवस्था को पूर्ण रूप से बंद कर दिया है।
720 रुपये कम रहेगा इस बार किराया
इस वर्ष हिमालयन हेली टैक्सी सर्विस और राजस एयरो स्पाट नामक दो कंपनियां यात्रा के दौरान हेली टैक्सी की सेवाएं प्रदान करेंगी। भरमौर से गौरीकुंड तक आने-जाने का कुल किराया 6,680 रुपये प्रति यात्री होगा। बीते वर्ष यह किराया 7,400 रुपये था।
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मणिमहेश न्यास का यह निर्णय श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। पहली बार शुरू की गई आनलाइन बुकिंग प्रणाली से न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बल्कि ब्लैक टिकटिंग जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा। न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह दूरदर्शी कदम उठाया है।
-कुलवीर सिंह राणा, एडीएम व सचिव, मणिमहेश मंदिर न्यास।
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