चंबा में सामान्य हो रहा जनजीवन, हाईवे समेत 13 सड़कें बहाल; 6 पर अभी भी आवाजाही ठप
चंबा जिले में भारी बारिश के बाद जनजीवन सामान्य हो रहा है, जहां 19 में से 13 सड़कें बहाल कर दी गई हैं। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला मुख्य मार्ग या ...और पढ़ें

हाईवे समेत 13 सड़कें बहाल, 6 पर आवाजाही ठप।
HighLights
चंबा में 19 में से 13 सड़कें बहाल, 6 पर काम जारी
सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला मुख्य मार्ग खुले
बिजली आपूर्ति सामान्य, पेयजल योजनाओं पर कार्य जारी
संवाद सहयोगी, चंबा। जिला चंबा में मौसम में सुधार के साथ सामान्य जनजीवन लौट रहा है। राहत की बात यह है कि सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला मुख्य मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह से खुले हैं। हाल ही में हुई भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण जिले में कुल 19 सड़कें प्रभावित हुई थीं।
लोक निर्माण विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते 13 सड़कों को बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष छह सड़कों को खोलने का कार्य तेजी से जारी है। चंबा में तीन, तीसा में दो, भरमौर में तीन और भटियात में चार बंद सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
सलूणी उपमंडल में दो, भटियात में तीन और भरमौर में एक मार्ग अभी भी बंद हैं, जिन्हें जल्द ही बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। डलहौजी और पांगी उपमंडल में सभी सड़कें सुचारू हैं। चंबा-पठानकोट एनएच, चंबा-भरमौर एनएच, चंबा-जोत, चंबा-तीसा, चंबा-सलूणी, चंबा-होली और चंबा-पांगी वाया सच्चे पास सहित सभी 12 प्रमुख मार्ग आवाजाही के लिए पूरी तरह खुले हैं।
इसके अलावा, जिले में बिजली आपूर्ति भी लगभग सामान्य हो गई है। केवल तीसा उपमंडल में एक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुआ है, जिसे दुरुस्त करने का कार्य जारी है। जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं की बात करें तो कुल 10 योजनाएं प्रभावित हुई थीं, जिनमें से एक को बहाल कर दिया गया है और नौ योजनाओं पर काम जारी है। सबसे अधिक प्रभावित योजनाओं में भटियात में पांच और डलहौजी में चार लंबित हैं।
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गौरतलब है कि हाल ही में हुई भारी वर्षा के कारण कई मार्गों, बिजली ट्रांसफार्मरों और पेयजल योजनाओं पर असर पड़ा था। मार्गों के बंद होने से आवाजाही प्रभावित हुई और ट्रांसफार्मर बंद होने से उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
पेयजल पाइपों में पानी नहीं आने से भी लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने कहा है कि संबंधित विभागों के मैदानी अमले को अलर्ट पर रखा गया है और प्राथमिकता के आधार पर बाधित मार्गों और पेयजल योजनाओं को बहाल किया जा रहा है।