हिमाचल: पंचायत चुनाव पर CM ने सदन में दिया जवाब, विपक्ष का नारेबाजी करते हुए वाकआउट; ...तो जनवरी में होंगे इलेक्शन?
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पंचायत चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया, जिसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट किया। विपक्ष चुनाव प्र ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष को जवाब देते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।
HighLights
मुख्यमंत्री का पंचायत चुनाव पर सदन में जवाब
विपक्ष का नारेबाजी करते हुए वाकआउट
चुनाव प्रक्रिया कब शुरू होगी?
जागरण टीम, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष पहले प्रश्नकाल आरम्भ करने की मांग पर अड़ा, जबकि सरकार ने पहले पंचायत चुनाव पर नियम 67 पर चर्चा की मांग उठाई। लंबी बहस के बाद पंचायत चुनाव पर चर्चा आरंभ हुई।
आपदा एक्ट हटते ही होंगे पंचायत चुनाव
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सिंह ने नियम 67 के तहत पंचायती राज चुनाव को लेकर चर्चा में जबाब दिया। सीएम ने सदन में कहा कि प्रदेश में आपदा एक्ट हटते ही पंचायत चुनाव होंगे। आपदा एक्ट चुनाव आयोग पर भी लगता है। सीएम के जवाब के बाद विपक्ष नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चला गया। सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में प्रस्ताव को सहमति दे दी गई।
राज्य निर्वाचन आयोग पर भी आज के बाद हिमाचल प्रदेश में लागू डिजास्टर एक्ट के प्रावधान लगेंगे।
2023 से बड़ी आपदा आई
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जून में पंचायतों के पुनर्गठन और वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई। चुनाव आयोग ने अपना काम किया, सरकार ने उसमें कोई दखल नहीं दिया। यह कल्पना भी नहीं की थी कि 2023 से भी बड़ी आपदा 2025 में आएगी।
जनवरी तक करवाए जा सकते हैं चुनाव
सीएम सुक्खू ने कहा कि हमने पंचायत चुनाव को डिजास्टर एक्ट के कारण स्थगित किया है, टाला नहीं है। डिजास्टर एक्ट के कारण हमने सड़कें खुलने तक चुनाव को थोड़ा आगे करने के लिए कहा है, पंचायतों की अवधि अभी शेष है। जनवरी महीने तक चुनाव करवाए जा सकते हैं।
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जयराम जी! अभी दो साल का कार्यकाल है
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर आज भी कह रहे हैं कि पहली कैबिनेट में इस सरकार के फैसलों की समीक्षा करेंगे। जयराम जी, पहली कैबिनेट 2027 में होगी या 2028 में, यह किसी को पता नहीं है। अभी 2 साल का समय सरकार का शेष है।
भाजपा क्या माइनस 40 डिग्री में करवाना चाहती है चुनाव
नई पंचायतों का पुनर्गठन चल रहा है। कुछ नई पंचायतें बननी हैं। 9000-9000 आबादी की भी कुछ पंचायतें हैं। भाजपा सरकार ने भी अपने समय में नई पंचायतें बनाई हैं। भाजपा क्या माइनस 40 डिग्री में चुनाव करवाना चाहती है। चुनाव में वोट प्रतिशत भी तो 80 फीसदी होना चाहिए।
नेगी के बयान पर हंगामा, कार्यवाही स्थगित
इससे पूर्व हिमाचल विधानसभा में नियम 67 के तहत चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने प्रदेश को कबाड़ बना दिया था, इसके बाद सदन में पक्ष ओर विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित किया गया है। विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की।
विपक्ष ने किया नेगी का बहिष्कार
भोजन अवकाश के बाद जगत सिंह नेगी के चर्चा में भाग लेने पर विपक्ष सदन से बाहर चला गया।
जगत सिंह नेगी की चर्चा के बाद विपक्ष सदन में वापस आया। इसके बाद भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने चर्चा में भाग लिया।
सुक्खू ने कहा, विपक्ष चर्चा से पीछे हट रहा
इससे पूर्व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सत्ता पक्ष नियम 67 पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन अब विपक्ष चर्चा से पीछे हट रहा है। सरकार पूरी तरह से चर्चा के लिए तैयार है, अगर विपक्ष चर्चा नहीं चाहता है तो स्थगन प्रस्ताव को वापस ले।
जयराम बोले, प्रश्नकाल भी जरूरी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विपक्ष चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहता है, लेकिन पहले प्रश्नकाल भी जरूरी है। सरकार विधयकों के प्रश्नों के जवाब देने से पीछे हट रही है। सदन में सरकार द्वारा पहले चर्चा करने और विपक्ष द्वारा पहले प्रश्नकाल शुरू करने को लेकर काफी देर तक बहस होती रही