यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal By Elections: 'धर्मशाला से चुनाव लड़े CM सुक्खू', भाजपा प्रत्याशी सुधीर शर्मा का मुख्यमंत्री को चैलेंज
Himachal By Elections आगामी एक जून को लोकसभा चुनाव के साथ-साथ उपचुनाव भी होने हैं। ऐसे में प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर भाजपा ने उम्मीदवारों का एला ...और पढ़ें

HighLights
- धर्मशाला से सीएम सुक्खू को सुधीर शर्मा ने चैलेंज दिया है
- उन्होंने कहा कि सीएम सुक्कू इस सीट से उपचुनाव लड़े
- एक जून को हिमाचल की चार लोकसभा सीटों पर और विधानसभा की छह सीटों पर उपचुनाव होगा
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। Himachal By Elections: हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होना है। उपचुनाव में शुमार छह सीटों में धर्मशाला सीट भी है। इसी क्रम में भाजपा प्रत्याशी सुधीर शर्मा (Sudhir Sharma) ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को धर्मशाला से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है।
कार्यकर्ताओं का सरकार से मोहभंग
सुधीर शर्मा ने कहा कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संगठन की ऐसी हालत कर दी है, आज इन्हें ढूंढने से भी प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। उनकी जनविरोधी नीतियों के कारण आज आम कार्यकर्ताओं का भी सरकार और संगठन से मोहभंग हो गया है।
संगठन के लोग भी इस बात को जानते हैं कि आज सरकार में तानाशाही चल रही है और ऐसी तानाशाह सरकार का कोई भी व्यक्ति हिस्सा नहीं बनना चाहता।
चुनाव लड़े जमीनी हकीकत पता चल जाएगी: सुधीर
नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और अभी तक कांग्रेस धर्मशाला से अपना प्रत्याशी ही तय नहीं कर पाई है। ऐसी स्थिति में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को चाहिए कि वह खुद आकर यहां से चुनाव लड़ें। उन्हें अपनी जमीनी हकीकत का पता भी चल जाएगा और मुकाबला भी थोड़ा रोचक हो जाएगा।
हिमाचल की छह विधानसभा सीटों पर है उपचुनाव
हिमाचल प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होना है। इन सीटों में बड़सर, लाहौल-स्पीति, धर्मशाला, कुटलैहड़, सुजानपुर और गगरेट शामिल है। ज्ञात हो कि हिमाचल में राज्यसभा चुनाव के दौरान प्रदेश सरकार पर उस दौरान संकट के बादल मंडराने लगे थे।
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जब कांग्रेस के छह विधायकों समेत तीन निर्दलीय विधायकों ने चुनाव में क्रॉस वोटिंग की और बाद में इस्तीफा दिया। कांग्रेस के छह विधायकों ने कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। जबकि तीन निर्दलीय विधायकों ने भी इस्तीफा दिया। लेकिन उनका इस्तीफा विधानसभा स्पीकर ने स्वीकार नहीं किया।