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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किसान टमाटर से मालामाल तो क्रिप्टो से हुए कंगाल, 150 किसानों से 50 करोड़ की ठगी; नेताओं ने भी लुटाए पैसे

By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
Updated: Sat, 07 Oct 2023 10:28 AM (IST)

CryptoCurrency Fraud in Himachal मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) नेटवर्क के जालसाज हिमाचल के किसानों बागवानों सब्जी मंडी संचालकों और नेताओं के साथ ठगी ...और पढ़ें

किसान टमाटर से मालामाल तो क्रिप्टो से हुए कंगाल (सांकेतिक तस्वीर)
किसान टमाटर से मालामाल तो क्रिप्टो से हुए कंगाल (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. किसान टमाटर से मालामाल तो क्रिप्टो से हुए कंगाल
  2. 150 किसानों से 50 करोड़ की ठगी
  3. नेताओं ने भी क्रिप्टो में लुटाए पैसे
  4. पुलिस के हत्थे चढ़े दो जालसाज

हंसराज सैनी, मंडी। CryptoCurrency Fraud in Himachal: मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) नेटवर्क के जालसाज हिमाचल के किसानों, बागवानों, सब्जी मंडी संचालकों और नेताओं के साथ ठगी करने से बाज नहीं आए। जालसाजों ने सबको लूटा है। मंडी जिले के बल्ह घाटी के किसान इस बार टमाटर से मालामाल हुए थे। क्रिप्टो करेंसी ने एक झटके में कई किसानों को कंगाल बना दिया।

किसानों के साथ हुई 50 करोड़ रुपये की ठगी

किसानों के साथ करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। बल्ह घाटी में हजारों किसान टमाटर की खेती करते हैं। इस बार टमाटर 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिका था। 150 किसानों ने टमाटर से हुई कमाई मल्टी लेवल मार्केटिंग नेटवर्क से जुड़कर क्रिप्टो करेंसी में लगाई थी। कुछ किसान तो 2019 से पैसा लगा रहे थे।

टमाटर से हुई कमाई तो क्रिप्टो में लूटे सारे पैसे

चार साल तक लाखों रुपये का निवेश किया था। दोगुना पैसा मिलना तो दूर रहा एक फूटी कौड़ी तक वापस नहीं मिली। मंडी,डडौर व धनोटू सब्जी मंडी के कई संचालकों ने खुद व दूसरों से क्रिप्टो में लाखों रुपये का निवेश करवाया था। सबका पैसा डूब गया।

जालसाजों के झांसे में आकर कई नेताओं ने भी निवेश किया था। कुछ ने डरा धमका जालसाजों से पैसा निकलवा लिया। कुछ का लाखों रुपये लूट गया। घाटी के किसान अनिल कुमार ने 30 लाख,ओम प्रकाश ने 50 लाख व ठाकुर दास ने तीन लाख का निवेश किया था।

पुलिस के हत्थे चढ़े दो जालसाज

150 किसानों में ऐसा कोई नहीं होगा। जिसने 50,000 से कम निवेश किया होगा। अब पैसा वापस लेने के लिए एजेंटों के आगे पीछे चक्कर काट रहे हैं। एमएलएम नेटवर्क के चार में से दो सरगना पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। दोनों का नौ अक्टूबर तक पुलिस रिमांड मिला है।

प्रदेश के कई जिलों में धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जालसाजों ने करीब एक लाख लोगों को अपने नेटवर्क के साथ जोड़ा था। मंडी जोन में शामिल पांच जिलों मंडी,कुल्लू,लाहुल स्पीति,हमीरपुर व बिलासपुर से एक सप्ताह में ठगी के 72 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं।

विदेश मंत्रालय से सुभाष का वीजा रद करने का आग्रह

प्रदेश पुलिस ने दुबई भागे मुख्य सरगना सुभाष शर्मा का वीजा रद करने के लिए विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है। पूरी जालसाजी में सुभाष शर्मा, हेमराम, सुखदेव व मिलन गर्ग की मुख्य भूमिका है। शुक्रवार को साइबर क्राइम सेल मंडी में 40 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई। सबसे अधिक शिकायतकर्ता कैहनवाल, सुंदरनगर व महादेव क्षेत्र के हैं।

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ठगी के शिकारों की बढ़ती जा रही संख्या

एमएलएम नेटवर्क की आड़ में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर जिन लोगों से ठगी हुई है। उनकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। शुक्रवार को 40 लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई है।

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