कम समय में अमीर बनने की चाह पड़ी भारी, क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हिमाचल के युवक को लगाया 55 लाख का चूना
धर्मशाला में क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर लोगों से 55 लाख रुपये की ठगी की गई है।

क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हिमाचल के युवक को लगाया 55 लाख का चूना (फाइल फोटो)
HighLights
धर्मशाला में क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रेडिंग से 55 लाख की ठगी
मुनाफे का लालच देकर निवेशकों को बनाया गया निशाना
पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। क्रिप्टो करेंसी, रियल एस्टेट और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 55 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद धर्मशाला पुलिस ने साइबर सेल की प्रारंभिक जांच के आधार पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
पुलिस ने आरोपितों सुशील वर्मा, चरण सिंह, महिंदर सिंह और राजेश कुमारी निवासी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश (वर्तमान पता टावर बी फ्लैट नंबर 303 तीसरी मंजिल गोदरेज एक्वाहोसली बेंगलुरु) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। धर्मशाला निवासी आनंद अग्रवाल और अरुण कुमार निवासी फरसेटगंज ने शिकायत दर्ज करवाई है कि आरोपितों ने उन्हें निवेश के जरिये कम समय में रकम दोगुनी-तिगुनी करने का झांसा दिया था।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपितों ने उन्हें डिवाइन ब्रिक्स रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और एफएक्स ट्रेडिंग के माध्यम से निवेश करने के लिए तैयार किया। आनंद अग्रवाल ने अलग-अलग किस्तों में 45 लाख रुपये निवेश किए, जबकि अरुण कुमार ने भी एफएक्स ट्रेडिंग से जुड़े खातों में रकम ट्रांसफर की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शुरुआत में एक डिजिटल प्लेटफार्म पर निवेश की रकम के साथ बढ़ा हुआ मुनाफा दिखाया। इससे शिकायतकर्ताओं को निवेश पर रिटर्न मिलने का भरोसा हुआ। बाद में जब उन्होंने मूल रकम और लाभांश निकालने का प्रयास किया तो भुगतान रोक दिया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि निवेश के नाम पर जमा की गई रकम आखिर किन-किन बैंक खातों में पहुंची। जांच में संबंधित बैंक खातों, डिजिटल वालेट, इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों और आरोपितों के वित्तीय लेन-देन का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार ऑनलाइन निवेश से जुड़े साइबर ठगी के मामलों में आरोपित अक्सर इंटरनेट मीडिया या मैसेजिंग एप के जरिये लोगों से संपर्क करते हैं।
खुद को ट्रेडिंग या निवेश का विशेषज्ञ बताकर पहले मुनाफे का लालच दिया जाता है। इसके बाद रकम निकालने के नाम पर टैक्स, फीस या अन्य चार्ज बताकर अतिरिक्त पैसे की मांग किए जाने का पैटर्न भी सामने आता है। पुलिस थाना धर्मशाला के प्रभारी नारायण सिंह ने बताया कि शिकायत चार जून को दर्ज की थी और प्राथमिक जांच के बाद अब मामला दर्ज किया है।
क्या है क्रिप्टो ट्रेडिंग?
क्रिप्टो ट्रेडिंग डिजिटल करेंसी जैसे बिटकाइन और इथेरियम की खरीद-फरोख्त से जुड़ी है। इसमें निवेशक कीमत बढ़ने या घटने के अनुमान के आधार पर क्रिप्टो खरीदते और बेचते हैं। कीमत में उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाने की कोशिश की जाती है, लेकिन इसमें नुकसान का जोखिम काफी अधिक रहता है।
