यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केंद्र सरकार पर फूटा सीटू व किसान सभा का गुस्सा, गांधी चौक पर करेंगे प्रदर्शन; इन मांगों के लिए उठाएंगे आवाज
सीटू व किसान सभा 20 सितंबर को प्रदेश में आई भारी बरसात के चलते हुई तबाही से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी करेगी। ...और पढ़ें

HighLights
- केंद्र सरकार के खिलाफ गांधी चौक पर होगा धरना प्रदर्शन ।
- 'भीषण त्रासदी के बाबजूद केंद्र सरकार हिमाचल में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा नहीं कर रही घोषित'
- 'मनरेगा के बजट में 30 प्रतिशत की कटौती की गई'
- प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग के लिए होगा विरोध
हमीरपुर, जागरण संवाददाता। Himachal Rain: सीटू व किसान सभा 20 सितंबर को प्रदेश में आई भारी बरसात के चलते हुई तबाही से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी करेगी। केंद्र सरकार के खिलाफ गांधी चौक पर धरना प्रदर्शन होगा।
'100 सालों में आई सबसे भयंकर आपदा'
सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पिछले 100 सालों में सबसे भयंकर आपदा आई है। जिसके चलते हिमाचल प्रदेश में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। करीब तीस हजार करोड़ की संपत्तियों का नुकसान हुआ है। हजारों लोग बेघर होकर टेंट में रहने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार हिमाचल में आई आपदा को नहीं कर रही राष्ट्रीय आपदा घोषित
सचिव कश्मीर ठाकुर ने कहा कि इतनी भीषण त्रासदी के बावजूद केंद्र सरकार हिमाचल में आई इस भीषण आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं कर रही है। जबकि हिमाचल प्रदेश में कुल भूभाग का करीब 67 प्रतिशत फॉरेस्ट लैंड (वनभूमी) है। इसमें भी सिर्फ 27 प्रतिशत भूमि पर ही वन है बाकी जमीन खाली पड़ी है परंतु हिमाचल प्रदेश अपने लिए अपने संसाधनों का इस्तेमाल ही नहीं कर सकता है।

हिमाचल सरकार भी नहीं दे रही कोई विशेष राहत
मोदी सरकार जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के लिए हिमाचल के लोगों को मदद नहीं कर रही है और इस भयंकर आपदा को जानबूझकर राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं कर रही है। अभी तक देखने में आया है कि हिमाचल प्रदेश की मौजूदा सरकार भी लोगों को कोई विशेष राहत नहीं दे रही है और सरकार और उसके नुमाइंदे तो मात्र सेल्फी खिंचवाने तक ही सीमित हो गए हैं।
जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगी सीटू और किसान सभा
हिमाचल प्रदेश में आज हजारों परिवार बेघर है जिनके पुनर्वास के लिए तुरंत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, इसलिए सीटू और किसान सभा संयुक्त रूप से 20 सितंबर को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगी। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश जब इतनी भयंकर आपदा को झेल रहा है ऐसे समय में प्रदेश में मनरेगा में काम मुश्किल से ही मिल रहा हैं।
'मनरेगा के बजट में 30 प्रतिशत की कटौती की गई'
सीटू के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि मोदी सरकार ने इस बजट में मनरेगा के बजट से 30 प्रतिशत की एकदम कटौती कर दी है जो कि 96 हजार करोड़ से घटाकर 70 हजार करोड़ कर दिया। जबकि मोदी ने अप्रैल 2023 से अगस्त माह तक अपने कॉरपोरेट मित्रों के 2 लाख 30 हजार करोड़ के कर्ज माफ कर दिए हैं।
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इन मांगों के लिए किया जाएगा विरोध
ऐसे समय में जब पूरा प्रदेश भीषण प्राकृतिक आपदा को झेल रहा है जिन लोगों के घर परिवार उजड़ गए हैं अपने लिए दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भी मोहताज हो गए हैं । प्रदेश की इस अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा राष्ट्रीय आपदा घोषित करवाने के लिए प्रदेश में तुरंत मनरेगा सैल्फ अप्रूव कर मनरेगा के कार्य शुरू करने, श्रमिक कल्याण बोर्ड में लंबित लाभों को तुरंत जारी करने को लेकर 20 सितंबर को गांधी चौक हमीरपुर में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा और आपदा पीड़ित प्रभावित परिवारों का मांग पत्र जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा।

