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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    10वीं के छात्र की हत्या कर जमीन में दफना दी थी लाश, पकड़े गए सभी आरोपी, फिर 17 साल बाद आया ट्विस्ट

    Updated: Fri, 31 Jan 2025 03:55 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में 2008 में एक 10वीं कक्षा के नाबालिग लड़के के अपहरण और हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को 17 साल बाद गिरफ्तार किय ...और पढ़ें

    हमीरपुर पुलिस के पीओ सेल के साथ आरोपी भगौड़ा कन्हैया लाल।
    हमीरपुर पुलिस के पीओ सेल के साथ आरोपी भगौड़ा कन्हैया लाल।

    HighLights

    1. आरोपियों ने 10वीं के छात्र को कर लिया था अगवा
    2. फिरौती में परिजनों से की थी 22 लाख की डिमांड
    3. 2008 में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था आरोपी

    जागरण संवाददाता, हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के धनेटा क्षेत्र के जसाई गांव में 2008 में फिरौती मांगने और नाबालिग लड़के की हत्या करने के बाद उसे दफनाने के आरोपित को 17 साल बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के पीओ सेल ने चडीगढ़ के सेक्टर 32 से आरोपित उत्तर प्रदेश निवासी कन्हैया लाल को पकड़ा।

    15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर की थी हत्या

    उत्तर प्रदेश निवासी आरोपित जसाई गांव के आसपास कामकाज करता था। उसने 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर फिरौती की मांग की थी और बाद में उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद से शव को जमीन में दफना दिया था। इसके बाद हत्या का आरोपित कन्हैया लाल पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था।

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    एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपित को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीओ सेल में इंस्पेक्टर सुनील दत्त और रवि ठाकुर की टीम ने भगोड़े आरोपित को सेक्टर-32 चंडीगढ़ से पकड़ा है।

    क्या है पूरा मामला?

    मुनीष कुमार उर्फ मिंटु पुत्र यशवंत सिंह दसवीं कक्षा का छात्र था। 17 मार्च 2008 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कश्मीर में पढ़ाई करने गया था। जिसे आरोपित व उसके साथियों ने अगवा कर लिया। आरोपित कन्हैया लाल, रणजीत तथा बीरु सभी निवासी उत्तर प्रदेश परिवार सहित कामकाज करते थे।

    उन्होंने लड़के के स्वजन से 22 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने पड़ताल के दौरान मान खड़्ड में आरोपितों के डेरे के पास मुनीष का शव तिरपाल, घास व झाड़ियों के नीचे से बरामद किया, जिसकी उन्होंने निर्मम हत्या कर दी थी।

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    इसके बाद स्थानीय लोग आक्रोश में आ गए थे तथा स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी। मामले में बीरु उर्फ वीरपाल, रणजीत उर्फ मोहित तथा कन्हैया सभी निवासी सिकंदरपुरा डाकघर खेड़ा तहसील तिलहार जिला शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश को होशियारपुर से गिरफ्तार किया था। इस दौरान आरोपित कन्हैया पुलिस गिरफ्त से भाग निकला था।

    ऐसे पकड़ा गया आरोपी

    बता दें कि आरोपी पिछले कई सालों से अपनी पहचान छिपाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में रह रहा था और उसने फर्जी आधार कार्ड बनाए थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह पंजाब के रूपनगर में सिख बनकर रह रहा है।

    हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भगत सिंह ने बताया कि पुलिस के घोषित अपराधी सेल को एक गुप्त सूचना मिली कि इन दिनों चंडीगढ़ में है, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

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