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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Drugs in Himachal: हिमाचल समेत उत्तर भारत में अफगानिस्तान से आ रहा नशा, वाट्सएप पर चलता है नेटवर्क

    By Virender KumarEdited By:
    Updated: Sat, 23 Jul 2022 08:07 AM (IST)

    Drugs in Himachal हिमाचल समेत उत्तर भारत के राज्यों में अफगानिस्तान की ओर से नशा सप्लाई हो रहा है। यह नशा बंदरगाहों के माध्यम से भारत आ रहा है। गुजरात ...और पढ़ें

    Drugs in Himachal : हिमाचल समेत उत्तर भारत में अफगानिस्तान से आ रहा नशा।
    Drugs in Himachal : हिमाचल समेत उत्तर भारत में अफगानिस्तान से आ रहा नशा।

    शिमला, रमेश सिंगटा। Drugs in Himachal, हिमाचल समेत उत्तर भारत के राज्यों में अफगानिस्तान की ओर से नशा सप्लाई हो रहा है। यह नशा बंदरगाहों के माध्यम से भारत आ रहा है। गुजरात और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हाल ही में पकड़ी गई नशे की बड़ी इसका सुबूत है। एक शुद्ध हेरोइन और दूसरा इसमें केमिकल मिलाकर चिट्टे के रूप में बेचा जा रहा है। चिट्टे के चलन से प्रदेश की युवा पीढ़ी बर्बाद होने लगी है। तस्कर अपनी सप्लाई चेन से वाट्सएप से संवाद साधता है। इस कारण कानून क्रियान्वयन एजेंसियों के लिए इसे भेद पाना चुनौतीपूर्ण बन गया है। इस खतरे को देख राज्य सरकार भी संवेदनशील हो गई है। सरकार ने बड़े मगरमच्छों को पकडऩे के निर्देश दिए हैं।

    युवा वर्ग हो रहा आदी

    सीआइडी के अनुसार सर्वे से पता चला है कि 14 से 28 वर्ष की उम्र के युवा नशे के आदी हो रहे हैं। शिमला में तो युवतियां भी इसके चंगुल में फंस रही हैं। युवतियों के आइजीएमसी में नशा छुड़ाने के लिए काउंसङ्क्षलग के मामले बढ़ रहे हैं। प्रदेश में महिलाओं के लिए अलग से नशा निवारण केंद्र भी नहीं है।

    जागरूकता पर जोर

    राज्य पुलिस और सीआइडी जागरूकता के जरिये नशे पर चोट करेगी। खासतौर पर महिला मंडलों को जागरूक किया जाएगा। उनके माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए गांव-गांव तक अभियान चलाया जाएगा।

    एनडीपीएस एक्ट के तहत बढ़े मामले

    प्रदेश में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टांस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत हर साल थाने में दर्ज मामलों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। पुलिस चरस से लेकर चिट्टे तक के मामले पकड़ रही है। इनमें छोटे तस्कर अधिक पकड़ में आ रहे हैं। बड़े तस्करों तक कानून के हाथ कम ही पहुंच पाते हैं।

    एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले

    वर्ष,मामले

    2017,1010

    2018,1341

    2019,1439

    2020,1538

    2021,1537

    कितनी पकड़ी चरस

    वर्ष,मात्रा

    2017,307 किलो

    2018,471 किलो

    2019,327 किलो

    2020,351.018 किलो

    2021,593.3 किलो

    कितनी पकड़ी हेरोइन

    2017,3 किलो

    2018,7.7 किलो

    2019,8 किलो

    2020,6.751 किलो

    2021,14.9 किलो

    गिरफ्तार आरोपित

    2017,1221

    2018,1722

    2019,1935

    2020,2058

    2021,2223

    केस स्टडी

    आरोपितों को मिली सजा

    मंडी में बल्ह थाने में दर्ज केस में आरोपित को 15 जुलाई को सत्र न्यायाधीश ने 14 वर्ष की सजाकर एक लाख 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया। कुल्लू के भुंतर थाने में पहली अप्रैल 2019 को एनडीपीएस एक्ट में आरोपित को 11 जुलाई को सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दस साल की कैद और एक लाख जुर्माना लगाया। नाहन में 13 मार्च 2016 को दर्ज केस में आरोपित बरी हो गया। 12 जुलाई को सत्र न्यायाधीश ने आरोपित को पर्याप्त सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

    खबरें और भी

    नारको ड्रग्स की बरामदगी के बड़े मामले

    425 किलो गांजा पकड़ा सिरमौर पुलिस ने

    123 किलो चरस पकड़ी कुल्लू पुलिस ने

    6 किलो 297 ग्राम हेरोइन पकड़ी कुल्लू पुलिस ने

    1733.5 किलो पॉपी हस्कपकड़ी ऊना पुलिस ने

    हेरोइन अफगानिस्तान की तरफ से पोर्ट में कंटेनर के माध्यम से भारत में आ रही है। गुजरात पोर्ट में ऐसे मामले पकड़े गए हैं। गुजरात और पंजाब ने मिलकर बड़ी खेप पकड़ी। पोर्ट से हिमाचल समेत उत्तर भारत के राज्यों में पहुंच ही हे। शुद्ध हेरोइन काफी महंगी है। इस कारण तस्कर केमिकल मिलाकर इसे चिट्टे के तौर पर बेच रहे हैं। यह सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। बड़े मगरमच्छों को पकडऩे की जरूरत है। लोगों की भागीदारी के बगैर नशे की समस्या सुलझाना संभव नहीं है।

    -एसपी सिंह, एडीजीपी, सीआइडी