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छोटे बच्चों की सर्दी-जुकाम की दवा पर हिमाचल में सख्त पाबंदी, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट; विक्रेताओं के लिए एडवायजरी

By Suresh Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 23 Aug 2026 06:10 PM (IST)

हिमाचल स्वास्थ्य विभाग ने चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सर्दी-जुकाम की कुछ दवाओं पर प्रतिबंध लगाया ...और पढ़ें

बच्चों को दी जाने वाली कई दवाओं पर पाबंदी लगाई गई है। प्रतीकात्मक फोटो

बच्चों को दी जाने वाली कई दवाओं पर पाबंदी लगाई गई है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. चार साल से कम बच्चों को सर्दी-जुकाम की दवाएं प्रतिबंधित।

  2. दवा विक्रेताओं को चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य किया गया।

  3. नियम तोड़ने पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई।

संवाद सहयोगी, चंबा। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने छोटे बच्चों खासतौर पर चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों में सर्दी-जुकाम की दवाओं से संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। केंद्र सरकार की ओर से भी इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी 377 पंजीकृत दवा विक्रेताओं को विशेष एडवाइजरी जारी कर केंद्र सरकार के नए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी केमिस्ट नियमों की अनदेखी कर इन दवाओं की बिक्री या वितरण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संबंधित खुराक पर पाबंदी

केंद्र सरकार ने 18 अगस्त को ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट की धारा 26ए के तहत जनहित में नई अधिसूचना जारी की है। इसके तहत क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले सभी निश्चित खुराक संयोजन (एफडीसी) फार्मूलेशन के उपयोग पर चार साल से छोटे बच्चों के लिए सख्त पाबंदी लगाई गई है।

चेतावनी दर्ज करने का आदेश

दवा कंपनियों और विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि इन दवाओं के लेबल, पैकेज इन्सर्ट और प्रचार सामग्री पर मोटे अक्षरों में चेतावनी दर्ज हो कि चार वर्ष से कम आयु के बच्चों में इस एफडीसी का उपयोग न किया जाए।

विभाग की स्वजन से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता, विशेषकर स्वजनों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न होने दें। छोटे बच्चों को खांसी, जुकाम या बुखार होने पर बिना योग्य चिकित्सक के परामर्श के सीधे मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर न पिलाएं। दवा खरीदते समय उसकी संरचना, लेबल और आयु संबंधी चेतावनी को ध्यानपूर्वक पढ़ें। किसी पुरानी पर्ची या परिचित की सलाह पर दवा की खुराक देने से बचें।

केंद्र के नए निर्देशों के तहत जिला के सभी दवा विक्रेताओं को एडवाइजरी जारी कर दी है। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए निर्धारित एफडीसी दवाओं की बिक्री और वितरण में नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें समय-समय पर मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण करेंगी। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित दवा विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 
-मनीष कपूर, राज्य दवा नियंत्रक।

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