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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: 5 वें दिन भी बहाल नहीं हो सका निगुलसरी राष्ट्रीय राजमार्ग, जानें किस दिन तक होगा शुरू

    By narveda kaundalEdited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Fri, 15 Sep 2023 07:09 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के भावानगर में निगुलसरी के पास बंद पडा राष्ट्रीय राजमार्ग 5 वें दिन भी शुरू नहीं हो सका। इस राजमार्ग का लगभग 380 मीटर का रास्ता ठीक कर द ...और पढ़ें

    शुक्रवार को भी बहाल नहीं हो सका निगुलसरी राष्ट्रीय उच्च मार्ग
    शुक्रवार को भी बहाल नहीं हो सका निगुलसरी राष्ट्रीय उच्च मार्ग

    HighLights

    1. एलएनटी मशीन में तकनीकी खराबी के कारण मार्ग बहाली में देरी
    2. शनिवार को बहाल हो सकता है निगुलसरी राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5
    3. करीब 20 मीटर का हिस्सा ही ठीक होना रह गया है

    भावानगर (किन्नौर), संवाद सूत्र। निगुलसरी के समीप अवरूद्ध राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) 5 वें दिन भी बहाल नहीं हो पाया है। विभाग की ओर से मार्ग बहाली (Road Restart) के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। लगभग 380 मीटर क्षतिग्रस्त मार्ग (Damaged Road) को ठीक कर दिया गया है और केवल करीब 20 मीटर का हिस्सा ही ठीक करने को बचा है। जिसे शनिवार तक ठीक करने की उम्मीद की जा रही है।

    मशीन में तकनीकी खराबी से हो रही मार्ग बहाली में देरी

    इसके साथ यह भी कहा जा गया था कि शुक्रवार देर शाम तक मार्ग बहाल कर दिया जाएगा, परंतु तकनीकी समस्या आ जाने के कारण मार्ग बहाली में विलंब हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार वीरवार देर शाम निगुलसरी की ओर से कार्य कर रही एक एलएनटी मशीन (L&T Machine) कार्य करते हुए हवा में लटक गई जिसे सकुशल निकालने में करीब चार घंटों का समय लग गया व कार्य भी पूरी तरह से रोकना पड़ा।

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    शनिवार तक हो सकता है दोबारा शुरू

    इसके परिणामस्वरूप रात के समय में किसी भी प्रकार का कार्य नहीं हो पाया। शुक्रवार को भी भावानगर की ओर से कार्य कर रही मशीन के समीप पहाड़ी से चट्टानें खिसक कर गिर गई व मशीन को रोकना पड़ा। हालांकि मशीन को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। अब उम्मीद की जा रही है कि शनिवार तक ही मार्ग बहाल हो पाएगा। अभी भी दोनों ओर से दो-दो मशीनें बहाली के कार्य में लगी हुई हैं।

    निर्माण में ये कर रहे सहयोग

    इसके अलावा 40 मजदूर, 1 जेई, 1 डोजर, 2 आरओसी मशीन व 3 एयर कंप्रेश का प्रयोग किया जा रहा है। एनएचएआई के अतिरिक्त स्थानीय ठेकेदार, भारतीय सेना व विद्युत निर्माण कर सहित विभिन्न कंपनियों की ओर से भी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

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