Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल: अस्पताल में मृत घोषित कर दिया व्यक्ति, घर पहुंचते ही खोल दी आंखें; पानी पीकर इशारों में बातें भी की

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 07 Dec 2025 01:15 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के टांडा मेडिकल कॉलेज में एक अजीब घटना घटी। डॉक्टरों ने मिलाप चंद नामक एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया, लेकिन घर पहुंचने पर वह जीवित पाय ...और पढ़ें

    डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा का परिसर। जागरण आर्काइव

    डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा का परिसर। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. अस्पताल ने व्यक्ति को मृत घोषित किया।

    2. घर पहुंचने पर व्यक्ति जीवित निकला।

    3. अस्पताल प्रबंधन जांच करेगा।

    संवाद सहयोगी, पालमपुर। हिमाचल प्रदेश में अलग तरह का मामला सामने आया है। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में एक व्यक्ति को मृत घोषित कर शव परिवार को सौंप दिया गया। 

    घर पहुंचते ही मृत घोषित व्यक्ति पलकें झपकाने लगा और उसकी सांसें भी चल पड़ीं। परिवार के सदस्यों के बात करने पर व्यक्ति इशारे में जवाब देने लगा। इस मामले के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल से घर पहुंचकर व्यक्ति करीब पांच घंटे जिंदा रहा व इशारों में परिवार के सदस्यों से बात भी की। करीब पांच घंटे बाद उसकी मौत हुई।

    नगर निगम पालमपुर के बिंद्राबन वार्ड के लोहरल निवासी 52 वर्षीय मिलाप चंद को शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। शनिवार दोपहर करीब एक बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। उनकी मौत से परिवार में मातम पसर गया और रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई।

    परिवार को नहीं हुआ विश्वास, पानी पिलाने की कोशिश की तो पिया

    परिवार के सदस्य जब उनके शव को घर पर लिटा रहे थे, तभी मृतक की आंखें खुल गईं और व्यक्ति पलकें झपकने लगा। पहले तो परिवार को विश्वास नहीं हुआ, पर जब उन्होंने पानी पिलाने की कोशिश की तो उन्होंने पानी पी लिया और इशारों में जवाब देने लगे। यह देखकर मौके पर मौजूद सभी लोग सन्न रह गए।

    स्वजन बोले, बड़ी लापरवाही

    परिवार के सदस्य अरविंद कुमार ने बताया कि एक जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर घर भेज दिया। यह बहुत बड़ी लापरवाही है। अस्पताल में दोपहर करीब 1:30 बजे मृत घोषित किया था। दोपहर बाद 4 बजे तक शव लेकर घर पहुंचे तो सांसें चलने लग पड़ीं। रात 9 बजे के बाद उन्होंने प्राण त्याग दिए।

    अस्पताल की बड़ी चूक : पार्षद

    पार्षद संजय राठौर ने भी कहा कि उन्हें मृत्यु की सूचना मिली थी और वह घर पहुंचने ही वाले थे कि जीवित होने की खबर आ गई। उन्होंने इसे अस्पताल की बड़ी चूक बताया है।

    खबरें और भी

    मामले की जांच करेगा अस्पताल प्रबंधन

    टांडा मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक बन्याल का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। सोमवार तक पूरे मामले की सच्चाई सामने रखी जाएगी।

    यह भी पढ़ें: मंडी हादसा: परीक्षा और खेल प्रतियोगिता के लिए घर आए थे सेना के जवान, नितेश के पिता को आतंकी हमले में लगी थी गोली