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हिमाचल में आउटसोर्स रोगी मित्र भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक का स्वागत, कर्मचारी महासंघ ने युवाओं के अधिकारों की जीत बताया

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 02:15 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स रोगी मित्र भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक का कर्मचारी महासंघ ने स्वागत किया है। महासंघ ...और पढ़ें

रोगी मित्र भर्ती पर रोक के फैसले का कर्मचारी संघ ने स्वागत किया है। प्रतीकात्मक फोटो

रोगी मित्र भर्ती पर रोक के फैसले का कर्मचारी संघ ने स्वागत किया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने आउटसोर्स रोगी मित्र भर्ती पर रोक लगाई।

  2. कर्मचारी महासंघ ने फैसले को युवाओं की न्यायपूर्ण जीत बताया।

  3. सरकार से नियमित और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने की मांग की।

संवाद सहयोगी, नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स रोगी मित्र भर्ती पर हाई कोर्ट की रोक का कर्मचारी महासंघ ने स्वागत किया है। न्यू पेंशन स्कीम 10 वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डा. संजीव गुलेरिया ने इस फैसले को सराहनीय बताया है। उन्होंने इसे प्रदेश के शिक्षित और योग्य बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की न्यायपूर्ण जीत बताया है।

डा. संजीव गुलेरिया ने कहा कि बिना नियमित भर्ती प्रक्रिया अपनाए बार-बार आउटसोर्स के जरिए कभी वन विभाग, कभी लोकनिर्माण विभाग, कभी जलशक्ति विभाग और अन्य सरकारी विभागों में नियुक्तियां करना युवाओं के भविष्य और योग्यताओं के साथ खिलवाड़ है। 

युवाओं का शोषण

नियमित कर्मचारियों जितना काम लेने के बावजूद आउटसोर्स कर्मियों को अनिश्चितता और सीमित वेतन पर रखना युवाओं के शोषण को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा सरकार की इस नीति पर कड़ा रुख अपनाना पूरी तरह तर्कसंगत और स्वागत योग्य है।

आउटसोर्स का सहारा छोड़े सरकार

डॉ. संजीव गुलेरीया ने प्रदेश के शिक्षित युवाओं और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने वाले इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए कहा कि महासंघ माननीय न्यायालय का सहृदय धन्यवाद व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को आउटसोर्स का सहारा छोड़कर पारदर्शी, नियमित और स्थायी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से खाली पड़े पदों को भरना चाहिए, ताकि युवाओं को उनका वाजिब हक मिल सके।

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