यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो चले आइए मनाली, इन रूट पर है भरपूर रोमांच
Trekking in Manali समर सीजन चरम पर है। हर रोज 2500 पर्यटक वाहन अन्य राज्यों से जबकि 500 से अधिक पर्यटन वाहन शिमला डलहौजी व धर्मशाला से मनाली पहुंच रहे ...और पढ़ें

मनाली, जागरण संवाददाता। Trekking in Manali, पर्यटन नगरी मनाली सहित लाहुल के पहाड़ों पर ट्रैकरों ने कदमताल तेज कर दी है। इस बार विदेशी ट्रैकरों की आमद न के बराबर है, लेकिन जुलाई में विदेशों से भी ट्रैकर पर्यटन नगरी मनाली में दस्तक देंगे।
समर सीजन चरम पर है। हर रोज 2500 पर्यटक वाहन अन्य राज्यों से जबकि 500 से अधिक पर्यटन वाहन शिमला, डलहौजी व धर्मशाला से मनाली पहुंच रहे हैं। इस बीच ट्रैकिंग कारोबार ने भी गति पकड़ ली है।

हिमालयन एडवेंचर ग्रुप के माध्यम से भृगु झील रूट ट्रैकिंग के लिए निकला दल। सौजन्य : रूप चंद नेगी
चार-पांच दिन के ट्रैक रूट पर रौनक
इन दिनों चार से पांच दिवसीय ट्रैक रूटों में रौनक छाई हुई है। बरसात के दिनों में ट्रैकर अधिक संख्या में मनाली का रुख करते हैं। हिमपात के कारण पिछले साल से बंद पड़े लंबे ट्रैक रूटों पर भी कदमताल शुरू हो गई है। हालांकि इस साल सर्दियों में हिमपात कम होने से लंबे ट्रैक रूट भी समय से पहले बहाल होने लगे हैं।
कारोबारियों के भी खिले चेहरे
पहाड़ में कदमताल के शौकीनों की दस्तक से ट्रैकिंग से जुड़े कारोबारियों के कारोबार ने भी गति पकड़ी है। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली सहित कई ट्रैवल एजेंसियां पहाड़ों में कदमताल करवा रही हैं। मनाली के पर्यटन कारोबारी रूप चंद नेगी, पिंटू, विकास, दीपक व लुदर ने बताया कि जून में भी सैलानियों के सैलाब में बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना के चलते दो साल ट्रैकिंग कारोबार चौपट रहा है, लेकिन इस साल स्कूल और कालेज के ग्रुपों ने भी ट्रैकिंग में रुचि दिखाई है।
ट्रैकिंग पर जाने से पहले करवाएं पंजीकरण
डीएसपी हेमराज वर्मा ने ट्रैकरों से आग्रह किया कि वे ट्रैकिंग पर जाने से पहले थाने में पंजीकरण जरूर करवाएं और अनुभवी गाइड के माध्यम से ही पहाड़ पर ट्रैकिंग के लिए निकलें। पंजीकृत ट्रैबल एजेंसियों द्वारा ही ट्रैकिंग करें, ताकि सुरक्षा बनी रहे।
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इन ट्रैक रूटों पर आते हैं पर्यटक
जुलाई के प्रथम सप्ताह में लंबे ट्रैक रूटों चंद्रताल से बारालाचा, दारचा से पदम, मयाड़ के कांगला ग्लेशियर से कारगिल-जंसकर, मनाली-हामटा से छतडू, मनाली-जगतसुख से गोरुपास-पीन पास-किन्नौर, मनाली से बड़ा भंगाल, पिन वैली से स्पीति व मनाली से हनुमान टिब्बा सहित समस्त रूटों पर कदमताल शुरू हो जाएगी।