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कांगड़ा एयरपोर्ट के बाद अब फोरलेन से उजड़ने का भय, 3500 लोगों का भविष्य अधर में; अब PM मोदी से मांगा न्याय

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 08 Sep 2026 06:33 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 06:52 PM (IST)

कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से विस्थापित हुए करीब 980 परिवार अब फोरलेन हाईवे के अनिश्चित रूट के कारण दोबारा ...और पढ़ें

कांगड़ा एयरपोर्ट के प्रभावितों की समस्या को लेकर बैठक के बाद स्थानीय पंचायतों के प्रधान। जागरण

कांगड़ा एयरपोर्ट के प्रभावितों की समस्या को लेकर बैठक के बाद स्थानीय पंचायतों के प्रधान। जागरण

HighLights

  1. हवाई अड्डे के विस्थापितों को फोरलेन से दोबारा उजड़ने का डर।

  2. प्रभावित पंचायतों के प्रधानों ने पीएम मोदी को भेजा मांगपत्र।

  3. फोरलेन का रूट स्पष्ट करने और पुनर्वास की मांग।

संवाद सहयोगी, गगल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में गगल स्थित कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तारीकरण से प्रभावित हो रहे करीब 980 परिवारों और 3500 नागरिकों के पुनर्वास को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जीवनभर की पूंजी और संपत्ति गंवा चुके विस्थापित परिवारों के समर्थन में अब प्रभावित पंचायतों के प्रधान एकजुट होकर सामने आए हैं। 

प्रधानों ने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के समय ही फोरलेन हाईवे का रूट तय किया जाना चाहिए था। यदि प्रशासन ने समय रहते दूरदर्शिता दिखाई होती तो आज विस्थापित परिवारों के सामने दोबारा उजड़ने का संकट नहीं खड़ा होता। 

असमंजस में परिवार

वर्तमान में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से फोरलेन का रूट और अलाइनमेंट स्पष्ट नहीं किया गया है, इससे प्रभावित लोगों में असमंजस और मानसिक तनाव का माहौल है। 

दोबारा उजड़ने का डर

विस्थापित परिवारों का कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार में जमीन और मकान प्रभावित होने के बाद उन्होंने बड़ी मुश्किल से नई जमीन खरीदी और अपने आशियाने बनाने शुरू किए हैं। अब फोरलेन का रूट स्पष्ट न होने के कारण उन्हें डर है कि कहीं नए मकान भी इसकी जद में न आ जाएं। 

इन प्रधानों ने भेजा मांगपत्र

पंचायत सनौरा के प्रधान कैप्टन अश्विनी कुमार, गगल पंचायत की प्रधान दामिनी, ढुग्यारी की प्रधान निशा देवी, कुठमां की प्रधान सीमा देवी, इच्छी के प्रधान इक्वाल गुलेरिया, रच्यालु के प्रधान रोशन लाल, वेदी के प्रधान अभय कुमार, नंधेड़ के प्रधान अश्वनी कुमार, गगल पंचायत के उपप्रधान रबीन्द्र बाबा, निलेश कुमार, रचन सिंह और राकेश धीमन की अगुवाई में प्रभावित पंचायतों के प्रधानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त मांगपत्र भेजा है।

ऐसे अधिकारी देश को किस दिशा में लेकर जाएंगे

प्रधानों ने कहा कि फोरलेन और एयरपोर्ट विस्तार की जद में आने वाले क्षेत्रों को लेकर लोगों को उचित जानकारी न मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कैप्टन अश्विनी कुमार ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो अधिकारी पिछले तीन साल में यह तय नहीं कर पाए कि रोड कहां से निकलना है, ऐसे अधिकारी देश को किस दिशा में लेकर जाएंगे।

जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाए

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण ही प्रभावित परिवार संघर्ष के लिए मजबूर हुए हैं। प्रधानों ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाए और दोषी अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए।

...तो सक्षम टीम तैनात की जाए

प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान टीम फोरलेन का रूट तय करने में सक्षम नहीं है तो उसे हटाकर नई सक्षम टीम गठित की जाए। साथ ही फोरलेन का रूट तत्काल स्पष्ट कर प्रभावित परिवारों का सुरक्षित और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी संपत्तियां दोबारा प्रभावित न हों। इस संबंध में पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, नितिन गडकरी, एनएचएआई और जिलाधीश को भेज दिया गया है।

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