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    कांगड़ा घाटी रेल सेवा पर बवाल: 'दो ट्रेन चल सकती हैं तो बाकी क्यों नहीं', संघर्ष समिति ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

    By Rajinder Dogra Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:47 PM (IST)

    पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर सभी सात जोड़ी ट्रेनों की बहाली में देरी को लेकर कांगड़ा में जनता का रोष बढ़ रहा है। संघर्ष समिति ने 15 दिन में बहाली न ...और पढ़ें

    कांगड़ा घाटी में सभी ट्रेन न चलने पर लोगों में आक्रोश है। जागरण आर्काइव

    कांगड़ा घाटी में सभी ट्रेन न चलने पर लोगों में आक्रोश है। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. सभी सात जोड़ी ट्रेनों की बहाली में देरी पर जनता का रोष।

    2. पठानकोट-बैजनाथ तक दो ट्रेनें चल रहीं, बाकी पांच की मांग।

    3. 15 दिन में बहाली न होने पर दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी।

    संवाद सूत्र, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर सभी सात जोड़ी ट्रेनों की बहाली में हो रही देरी को लेकर जिला कांगड़ा की जनता का रोष बढ़ने लगा है। जनता का मानना है कि यदि दो जोड़ी ट्रेनें पठानकोट से बैजनाथ तक आवाजाही कर सकती हैं तो बाकी पांच जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही क्यों जारी नहीं की जा रही। 

    कांगड़ा घाटी रेल बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा का कहना हैं कि पठानकोट के भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा के दवाब में केंद्रीय रेल मंत्रालय पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर सभी सात जोड़ी ट्रेनों को बहाल नहीं कर रहा।

    रेलवे फाटक पर बवाल

    भाजपा विधायक का दावा है कि पठानकोट में रेलवे फाटकों की वजह से घंटों जाम लगा रहता है और पठानकोट में व्यापारियों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों को घंटों रेलवे फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है और भारी परेशानी उठानी पड़ती हैं। पीसी विश्वकर्मा ने रेल मंत्रालय को तर्क दिया है कि यदि रेलवे फाटक पठानकोट की जनता की परेशानी है तो चार साल तक रेल ट्रैक बंद रहा उस समय चाहिए था कि रेल मंत्रालय अंडर ब्रिज या ओवर ब्रिज बना कर इस समस्या का समाधान कर लेता। 

    15 दिन बाद होगा प्रदर्शन

    उन्होंने चेतावनी दी हैं कि यदि 15 दिन के अंदर सभी सात जोड़ी ट्रेनें पुरानी समयसारिणी अनुसार बहाल नहीं की तो जिला कांगड़ा सहित पूरे हिमाचल की जनता केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय के खिलाफ मोर्चा खोल देगी और अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए रेल संघर्ष समिति ने जनसंपर्क के माध्यम से जनसमर्थन जुटाना शुरू कर दिया हैं। 

    क्या कहते हैं लोग 

    पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर जब दो जोड़ी ट्रेनें आवाजाही कर सकती हैं तो बाकी पांच जोड़ी ट्रेनें क्यों आवाजाही नहीं कर सकतीं। दो जोड़ी ट्रेनों के चलने से न तो कांगड़ा के लोगों को फायदा हो रहा है और भीड़ अधिक होने के कारण दूसरे राज्यों से कांगड़ा के शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशान होना पड़ रहा है।
    -साधूराम राणा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य। 

    चक्की खड्ड रेलवे पुल के ध्वस्त होने के चार साल बाद इस साल दो जून को दो ट्रेनें चलकर  केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने हिमाचल की जनता के केवल आंसू पौंछने का काम किया है। रेल मंत्रालय को चाहिए कि जनहित में सभी ट्रेनों को बहाल किया जाए।
    -कृष्ण भारद्वाज, नगरोटा सूरियां। 

    रेलवे ट्रैक भी ठीक है और दो जोड़ी ट्रेनें पठानकोट से बैजनाथ तक आवाजाही भी कर रहीं हैं तो रेलवे बोर्ड को चाहिए कि सभी सात जोड़ी ट्रेनों को चलाया जाए।  हिमाचल के चारों लोकसभा सांसद भाजपा के हैं तो उनको भी रेल मंत्रालय पर दवाब डालना चाहिए।
    -पीसी विश्वकर्मा, अध्यक्ष कांगड़ा घाटी रेल बहाली संघर्ष समिति। 

    पठानकोट से जोगिंदनगर तक पूर्व की भांति पुरानी समयसारिणी अनुसार सभी रेलगाड़ियां 15 अगस्त तक बहाल होनी चाहिए, अगर रेलवे बोर्ड ने ट्रेनें बहाल नहीं की तो कांगड़ा की जनता दिल्ली के जंतर मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल देगी।
    -रामपाल धीमान, सदस्य एलीट ग्रुप हिमाचल प्रदेश।

     

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