हिमाचल: 13500 फीट ऊंचे पहाड़ पर ऑस्ट्रेलियाई पैराग्लाइडर पायलट की क्रैश लैंडिंग, 20 घंटे की जद्दोजहद के बाद बचा ली जिंदगी
हिमाचल प्रदेश में एक ऑस्ट्रेलियाई पैराग्लाइडर पायलट 13500 फीट ऊंचे पहाड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्गम इलाके में 20 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद ...और पढ़ें

मनाली से बीड़ बिलंग जाते हादसे में घायल हुआ ऑस्ट्रेलियाई पायलट रेस्क्यू कर लिया गया।
HighLights
ऑस्ट्रेलियाई पायलट हिमाचल में दुर्घटनाग्रस्त
13500 फीट पर 20 घंटे चला रेस्क्यू
स्थानीय लोगों ने बचाव में की मदद
जसवंत ठाकुर, मनाली। हिमाचल प्रदेश में एक और पैरागलाइडर पायलट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मनाली से बीड़ बिलिंग जाते वक्त 51 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई पैराग्लाइडर पायलट को क्रैश लैंडिंग करनी पड़ गई। सेवन सिस्टर पीक रेंज में 13500 फीट ऊंचाई पर यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि हवा के दबाव व प्रतिकूल मौसम के कारण क्रैश लैंडिंग हो गई।
पायलट के लिए भाग्य की बात यह रही कि उसके साथ फ्लाई कर रहे दूसरे पायलट ने हादसे को देख लिया। साथी पायलट ने हादसे की जानकारी दी और मदद मांगी।
रात को रवाना हो गया रेस्क्यू दल
जैसे ही इस मामले की जानकारी बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन को मिली तो उन्होंने तुरंत रेस्क्यू की रणनीति बनाई। बीड़ एसोसिएशन ने एडवेंचर टूअर एसोसिएशन मनाली के साथ संपर्क किया। मनाली से रेस्क्यू दल को पहाड़ पर चढ़ाई करने के लिए देर रात भेजा गया।
हेलिकॉप्टर की मदद से किया गया रेस्क्यू
आज सुबह दिन की शुरुआत होते ही हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। 13500 फीट ऊंचे पहाड़ी पर एक संकरी जगह पर बेहद खतरनाक तरीके से घायल अवस्था में पड़े ऑस्ट्रेलियाई पायलट को साहसिक तरीके से चौपर द्वारा सुरक्षित मनाली पहुंचाया गया। घायल पैराग्लाइडर पायलट का मिशन अस्पताल में इलाज चल रहा है। पैराग्लाइडर पायलट खतरे से बाहर है।
20 घंटे बाद पायलट का सफल रेस्क्यू
बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के प्रमुख कर्ण वीर सिंह व एडवेंचर टूअर एसोसिएशन मनाली के रेस्क्यू टीम प्रभारी रमेश कुमार जोगी ने बताया कि
उन्होंने मनाली के समीप 13500 फीट ऊंची पहाड़ी से जिंदगी को सुरक्षित बचा लिया है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 घंटे ऑस्ट्रेलियाई पैराग्लाइडर पायलट जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा।
उन्होंने बताया कि पैराग्लाइडर एसोसिएशन मनाली के सदस्यों का भी बेहतर सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई पैराग्लाइडर पायलट सुरक्षित है।
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विदेशी पायलट पहुंच रहे मनाली और बीड़-बिलंग
गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग करने के लिए बड़ी तादाद में विदेशी सैलानी मनाली और बीड़ बिलिंग का रुख कर रहे हैं। ऐसे में यह दोनों लोकेशन क्रॉस कंट्री पैराग्लाइडिंग के लिए लगातार फेमस होती जा रही हैं। सोलो फ्लाइंग करते हुए रोजाना कई पायलट इन दोनों लोकेशन को आर-पार करते हैं।
कुछ दिन में ही चौथा हादसा
हिमाचल प्रदेश में गत दिनों बीड़ बिलिंग से उड़ान भरने के बाद कनाडा की एक महिला पायलट की क्रैश लैंडिंग में मौत हो गई थी। इसके बाद बरोट की पहाड़ियों में फ्रांस का पायलट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसके अलावा मनाली से लौटते हुए भी एक विदेशी पायलट के साथ हादसा हुआ था। करीब दस दिन के बीच यह चौथा हादसा है।