कुल्लू दशहरा में तहसीलदार से अभद्रता, अधिकारी की बेटी बोली- आस्था के नाम पर मजिस्ट्रेट से गुंडागर्दी; कहां थे 1200 जवान?
Kullu Dussehra Tehsildar Misbehave कुल्लू दशहरा उत्सव में तहसीलदार हरि सिंह यादव के साथ हुई अभद्रता के मामले में उनके परिवार वाले सामने आए हैं। उनकी ब ...और पढ़ें

HighLights
- तहसीलदार के घसीटने के मामले में अब स्वजन आए आगे
- कहा दशहरा उत्सव में कहां थे 1200 पुलिस जवान, उठाए सवाल
- प्रशासन की ओर से उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक ने नहीं दिया ब्यान
- बेटी अंशुमाला ने कहा कि षड़यंत्र के तहत गुडागर्दी कर पीटा, घसीटा
संवाद सहयोगी, कुल्लू। Kullu Dussehra Tehsildar Misbehave, अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। तहसीलदार कुल्लू हरि सिंह यादव को भीड़ की ओर से घसीटने के मामले में अब स्वजन आगे आए हैं। तहसीलदार की बेटी अंशुमाला ने कहा कि दशहरा उत्सव में एक मजिस्ट्रेट को जिस प्रकार से घसीटा गया और पीटा गया। उस दौरान उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात 1200 से अधिक पुलिस व होमगार्ड जवान कहां थे।
किसी ने रोकने का प्रयास तक नहीं किया। हैरानी की बात यह है कि दशहरा उत्सव में दोपहर के समय जब देवता के देवलू हारियानो ने तहसीलदार हरि सिंह को सरेआम गुंडागर्दी दिखाकर पीटते घसीटते रहे, उस वक्त वहां पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त क्यों नहीं थी और वहां पर घंटों गुंडागर्दी होती रही और सेक्टर अधिकारी और पुलिस व होमगार्ड जवान नदारद थे। इस पर कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया गया।
लेकिन पुलिस के पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावे दशहरा उत्सव धराशाही हो गए। जब देवता के तथाकथित देवलुलों ने एक तहसीलदार के साथ अभद्रता की, उन्हें जान से मारने का भी प्रयास किया। उन्हें दशहरा उत्सव आयोजन स्थल ढालपुर मैदान से घसीटते हुए देवता के कैंप तक ले गए। उनको कालर से पकड़ कर धक्का मुक्की और लात घूंसे मारते हुए ढालपुर मैदान में घसीटा गया।
इस दौरान दो-तीन पुलिस कर्मियों ने तहसीलदार को छुड़ाने का प्रयास भी किया। लेकिन उसके बाद वह भी घटनास्थल से गायब हो गए। इस बार दशहरा उत्सव आयोजन स्थल ढालपुर में जिला प्रशासन द्वारा 14 सेक्टर बनाए गए हैं। जिन में एक पुलिस अधिकारी सहित तीन सेक्टर ऑफिसर तथा लगभग 70 से 80 पुलिस व होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। फिर भी देवलुओं ने तहसीलदार के साथ सरेआम गुंडागर्दी की।
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डीसी और एसपी का नहीं आया बयान
अंशुमाला ने कहा कि अभी तक न तो उपायुक्त ने इस बारे में कुछ कहा न ही पुलिस अधीक्षक की ओर से कोई बयान आया है। तहसीलदार अपने निजी कार्य से वहां तैनात नहीं थे, वह दशहरा उत्सव का ही कार्य कर रहे थे। फिर प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
आस्था के नाम पर अभद्रता की गई
तहसीलदार हरि सिंह यादव की बेटी डॉक्टर अंशुमाला ने उनके पिता हरी सिंह यादव के साथ हुई घटना को लेकर देवलुओं ने देव आस्था के षड्यंत्र के तहत अभद्रता मार पिटाई जान से मारने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामूली धाराओं के के तहत खाना पूर्ति के लिए एफआईआर दर्ज की है।