पैसों के लिए नाबालिग बेटी वेश्यावृत्ति में धकेली, कुल्लू की विशेष अदालत ने मां समेत 3 को सुनाया कठोर कारावास
कुल्लू की विशेष पाक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म, मानव तस्करी और जबरन वेश्यावृत्ति के मामले में पीड़िता की मां सहित तीन दोषियों को 10-10 साल के कठो ...और पढ़ें

नाबालिग बेटी से वेश्यावृत्ति करवाने पर कोर्ट ने दोषी मां को कठोर कारावास सुनाया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
कुल्लू कोर्ट ने मां समेत तीन को दोषी ठहराया।
नाबालिग से दुष्कर्म, मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति का मामला।
दोषियों को 10-10 साल का कठोर कारावास।
संवाद सहयोगी, कुल्लू। नाबालिग से दुष्कर्म, मानव तस्करी और जबरन वेश्यावृत्ति के मामले में कुल्लू की विशेष पाक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा ने पीड़िता की मां समेत तीन आरोपितों को दोषी करार दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता, पाक्सो अधिनियम और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है।
पैसों के लिए मां न अनैतिक धंधे में धकेल दी नाबालिग
बच्ची ने बताया था कि उसकी मां ने ही उसे अनैतिक धंधे में धकेला था, जिसके एवज में आरोपित सिकंदर ने उसकी मां को 40 हजार रुपये प्रति माह देने का वादा किया था। शिव शंकर और नितिन जैन इस अनैतिक धंधे को संचालित करते थे।
मुख्य आरोपित और पीड़िता की मां को सजा
मुख्य आरोपित शिव शंकर उर्फ सिकंदर निवासी लालगंज, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश वर्तमान में निवासी जीरकपुर, मोहाली; नितिन जैन उर्फ मन्नू निवासी करनाल (हरियाणा) तथा पीड़िता की मां को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376, 370, 370 ए, 506, 120 बी, पाक्सो अधिनियम की धारा चार व 17 और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं तीन, चार व छह के तहत दोषी पाया गया है।
जुर्माना अदा न करने पर होगी अतिरिक्त सजा
शिव शंकर को दुष्कर्म, मानव तस्करी, आपराधिक साजिश और अनैतिक व्यापार से जुड़े अपराधों में 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई है। नितिन जैन और पीड़िता की मां को मानव तस्करी, आपराधिक साजिश, पाक्सो अधिनियम और अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास व जुर्माने से दंडित किया गया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए।
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जबरन वेश्यावृत्ति में धकेला
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 29 अप्रैल, 2018 को 'कंसुलर चाइल्ड हेल्पलाइन मनाली' की टीम पीड़ित बच्ची को लेकर पुलिस थाना मनाली पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई। आरोप था कि बच्ची व अन्य युवतियों को जान से मारने की धमकी देकर जबरन वेश्यावृत्ति में धकेला गया था। उनसे क्लबों में डांस करवाया जाता था और होटलों में ग्राहकों के पास भेजकर भारी रकम वसूली जाती थी।