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    हिमाचल में भारी भूस्खलन से खतरे में कुल्लू का गांव, SDRF ने निरीक्षण के बाद जारी किया अलर्ट; मच सकत है तबाही

    By Davinder Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 04:34 PM (IST)

    कुल्लू की सैंज घाटी में शलवाड़ नाले के पास हुए भारी भूस्खलन से शलवाड़ गांव पर आपदा का खतरा मंडरा रहा है। एसडीआरएफ ने निरीक्षण के बाद ग्रामीणों को अलर् ...और पढ़ें

    कुल्लू की सैंज घाटी में हुए भूस्खलन का निरीक्षण करने पहुंची एसडीआरएफ टीम। जागरण

    कुल्लू की सैंज घाटी में हुए भूस्खलन का निरीक्षण करने पहुंची एसडीआरएफ टीम। जागरण

    HighLights

    1. सैंज घाटी के शलवाड़ गांव में भारी भूस्खलन।

    2. एसडीआरएफ ने ग्रामीणों को फ्लैश फ्लड का अलर्ट दिया।

    3. बादल फटने पर मलबा और चट्टानों का बहाव संभव।

    संवाद सहयोगी, सैंज (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण आफत जारी है। सैंज घाटी के शलवाड़ गांव के पीछे स्थित शलवाड़ नाले के पास हुए भारी भूस्खलन के बाद संभावित आपदा का खतरा बढ़ गया है। एसडीआरएफ टीम ने क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर ग्रामीणों को अलर्ट किया है। टीम ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में शलवाड़ नाले में बादल फटने जैसी घटना होती है तो गांव और आसपास के क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड, भारी मलबा और चट्टानों के बहाव का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में गांव व आसपास के क्षेत्र में भी तबाही मच सकती है। लोगों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। 

    पहाड़ी अस्थिर व संवेदनशील

    निरीक्षण के दौरान एसडीआरएफ ने पाया कि नाले के आसपास की पहाड़ी काफी अस्थिर और संवेदनशील हो चुकी है। टीम ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। लोगों से कहा गया कि भारी बारिश के समय नालों, भूस्खलन प्रभावित ढलानों और संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें तथा खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं।

    खतरे की सूचना तुरंत देने की अपील

    एसडीआरएफ ने ग्रामीणों से प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की। साथ ही किसी भी तरह के भूस्खलन, जलस्तर बढ़ने या अन्य संभावित खतरे की सूचना तत्काल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को देने को कहा, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर जनहानि और नुकसान को रोका जा सके।

    एसडीआरएफ के अनुसार शलवाड़ नाले सहित पूरे क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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