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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में भूस्खलन से जीरा नाला अवरुद्ध, आसपास के इलाकों में खतरा; प्रशासन ने किया अलर्ट

    Updated: Thu, 27 Feb 2025 05:23 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी में तोष गांव के पीछे भूस्खलन से जीरा नाला का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है जिससे नदी किनारे रहने वालों के लिए ...और पढ़ें

    कुल्लू में भूस्खलन से जीरा नाला अवरुद्ध, आसपास के इलाकों में खतरा।
    कुल्लू में भूस्खलन से जीरा नाला अवरुद्ध, आसपास के इलाकों में खतरा।

    HighLights

    1. नदी किनारे से बनाए रखें उचित दूरी।
    2. तोष गांव, पावर प्रोजेक्ट को बना है खतरा।
    3. पार्वती नदी के पास के इलाकों को खाली करने के आदेश।

    संवाद सहयोगी, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी में तोष गांव के पीछे भूस्खलन से जीरा नाला का प्रवाह एकाएक रुक गया है। जिस कारण अब नदी किनारे रह रहे लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। प्रशासन को इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।

    संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कार्य शुरू किया है। प्रदेश में बीते दो दिनों से रुक-रुक कर वर्षा और हिमपात हो रहा है। जिस कारण मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी में एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

    ब्यास नदी में मिलती है पार्वती नदी

    यहां पर प्रशासन की ओर से पार्वती नदी के आसपास रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही प्रशासन की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है। कुल्लू से मंडी तक अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। क्योंकि यह नदी आगे ब्यास में मिलती है।

    पांच मेगावाट की दो विद्युत परियोजनाओं को भी खतरा

    जानकारी के मुताबिक, मणिकर्ण घाटी के तोष गांव में बीती रात करीब एक बजे भूस्खलन हुआ और मलबा नाले में चला गया। जिस कारण पानी का बहाव रुक गया। इस कारण से अब वहां पर पानी के बहाव रुकने से झील बन गई है। जौली नाले के आसपास के क्षेत्रों और पांच मेगावाट की दो विद्युत परियोजनाओं को भी खतरा बना हुआ है।

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    इसके अतिरिक्त साथ में रिहायशी क्षेत्रों को प्रशासन ने खाली करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तोष गांव से चार किलोमीटर पहाड़ी की तरफ यह भूस्खलन हुआ है। जहां पर अब झील बनी हुई है और जिसके फटने का खतरा बना है। कुल्लू प्रशासन की ओर से एसडीएम विकास शुक्ला आठ सदस्यों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

    एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि जीरा नाला में एक डैम बन गया है और आसपास के क्षेत्रों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक पार्वती नदी के आसपास सेल्फी लेने न जाएं। 

    उन्होंने लोगों से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही इलाकों को खाली करने के आदेश का पालन करने की अपील की है। अनहोनी घटना से बचने की भी सलाह दी है। पर्यटकों से विशेष अपील की है। 

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