हिमाचल में बहुत देख ली बर्फबारी, अब बर्फ के घर में रहने की बारी; हामटा में पर्यटकों के लिए बनाए इग्लू कर रहे आकर्षित
मनाली के पास हामटा के सेथन में पर्यटकों के लिए बर्फ के घर (इग्लू) बनाए गए हैं। 2012 में टशी और विकास ने पहला इग्लू बनाया था, और 2016 से ये सैलानियों क ...और पढ़ें
HighLights
मनाली के हामटा सेथन में पर्यटकों के लिए इग्लू बने।
टशी और विकास ने 2012 में पहला इग्लू बनाया था।
इग्लू विंटर टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देते हैं।
जसवंत ठाकुर, मनाली। हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों में आप लोगों ने बर्फबारी तो बहुत देख ली, लेकिन बर्फ के घर में नहीं रुके होंगे। अब आपके लिए बर्फ के घर में रहने की बारी है। मशहूर पर्यटन स्थल मनाली में पर्यटकों के लिए इग्लू (बर्फ का घर) बनाए गए हैं, जो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने लगे हैं।
ताजा हिमपात के बाद समुद्रतट से करीब नौ हजार फीट ऊंचाई पर स्थित हामटा के सेथन में बर्फ के घर बनाए गए हैं।
दो युवाओं ने बनाया था 2012 में पहला इग्लू
पिछले कुछ सालों में मनाली से 14 किमी दूर सेथन गांव अब इग्लू विलेज के नाम से पहचाना जाने लगा है। गांव के टशी और विकास ने 2012 में पहला इग्लू बनाया था और 2016 से सैलानियों के लिए इग्लू स्टे शुरू किया।
इग्लू स्टे दे रहा विंटर टूरिज्म को बढ़ावा
अब हर सर्दी में यहां इग्लू तैयार होते हैं, जिससे विंटर टूरिज्म को बढ़ावा मिला है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। इस साल घाटी में बर्फबारी हालांकि बहुत देरी से हुई है लेकिन पर्याप्त मात्रा में हुई है।
हालांकि अभी कुछ दिन पहले ही इन इग्लू का निर्माण हुआ है, लेकिन इग्लू को देखने और रहने के लिए सैलानी और स्थानीय लोग उत्सुकता दिखाने लगे हैं।

खून जमा देने वाली ठंड में बर्फ के घर में रहने का आनंद
मनाली की बर्फीली घाटी में बर्फ के बीच खून जमा देने वाली ठंड में बर्फ के घर में रहने का अलग ही मजा है। बर्फ के यह घर अंदर से इतने ठंडे नहीं होते। इसमें अंदर बिस्तर लगे होते हैं, जहां पर्यटक ठहर सकते हैं। अंदर हवा न जाने के कारण बाहर के बजाय कम ठंड होती है।
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क्या कहते हैं विकास और टशी
हामटा के सेथन में इग्लू बनाने वाले टशी और विकास ने बताया कि वह कड़ाके की ठंड के बीच बर्फ को इकट्ठा कर कड़ी मेहनत से इग्लू का निर्माण करते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार हिमपात देरी से होने के कारण उनका कारोबार भी लेट शुरू हुआ। हालांकि अभी कम पर्यटक यहां दस्तक दे रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही पर्यटक भारी संख्या में सेथन में दस्तक देंगे।
पर्यटक कपल यहां 10 हजार रुपये देकर रह सकते हैं, जिसमें खाना भी शामिल रहेगा।

क्या कहते हैं पंचायत के पूर्व प्रधान
प्रीणी पंचायत के पूर्व प्रधान कुंदन लाल ने बताया कि एलाइन दुहांगन विद्युत परियोजना की ओर से हामटा के लिए सड़क का निर्माण करने के बाद ही हामटा व सेथन पर्यटन के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से सालभर पर्यटक भारी संख्या में रुख करने लगे हैं। पूर्व प्रधान ने बताया कि गर्मियों में सैलानी यहां की वादियों में आकर गर्मी से राहत लेते हैं, जबकि पिछले कुछ सालों से सर्दी में सैलानी इग्लू में रहने का मजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हामटा पर्यटन की दृष्टि से विकसित हुआ है।