मनाली विंटर कार्निवाल: माल रोड पर उतरे 300 महिला मंडल व 18 सांस्कृतिक दल, झांकियों में दिखी पहाड़ी सांस्कृतिक विरासत
मनाली में पांच दिवसीय राष्ट्रस्तरीय विंटर कार्निवाल मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। माल रोड पर 300 महिला मंड ...और पढ़ें

मनाली विंटर कार्निवाल में झांकी के माध्यम से हिमाचल की विरासत की झलक बिखेरता दल। जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री सुक्खू ने मनाली विंटर कार्निवाल का शानदार आगाज किया।
300 महिला मंडलों व 18 सांस्कृतिक दलों ने झांकियां निकालीं।
सीएम ने महिला मंडलों की अनुदान राशि 35 हजार की।
जागरण संवाददाता, मनाली। पर्यटन नगरी मनाली में पांच दिन तक चलने वाले राष्ट्रस्तरीय विंटर कार्निवल का मंगलवार को शानदार आगाज हुआ। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने परिधि गृह मनाली से हरी झंडी दिखाकर सांस्कृतिक झांकियों को रवाना किया। माल रोड तक 300 महिला मंडलों और विभिन्न राज्यों के 18 सांस्कृतिक दलों ने शानदार झांकियां निकालीं।
इस दौरान सीएम ने महिला मंडलों को दी जाने वाली 30 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 35 हजार करने की घोषणा की। हर महिला मंडल को यह राशि प्रदान की जाएगी।
माल रोड पर हिमाचल की ठेठ पहाड़ी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती व सामाजिक जागरूकता का संदेश देती भव्य झांकियों को देखने के लिए पर्यटकों की भी भारी भीड़ उमड़ी।
माल रोड के दोनों ओर पर्यटक और स्थानीय लोग झांकियों की तस्वीरें मोबाइल फोन में कैद करते रहे। 24 जनवरी तक चलने वाले विंटर कार्निवल में 21 और 23 जनवरी को महानाटी होगी। इसके अलावा विंटर क्वीन, वॉयस ऑफ कार्निवाल, फिल्म डांस, लोकनृत्य प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
कार्निवल में महिला मंडलों और सांस्कृतिक दलों के फैशन शो, स्ट्रीट प्ले सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री सहित विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने विभिन्न महिला मंडलों और सांस्कृतिक दलों की तालियां बजाकर हौसला अफजाई की।
मलाणा की वेशभूषा की झलक दिखी
इस बार झांकियां हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक रीति-रिवाजों और प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण पर केंद्रित रही, जिसमें महिलाओं ने मलाणा की वेशभूषा, पुरानी घरेलू हिंसा, हिमाचली पकवान, बेटी है अनमोल, वसंत पंचमी, होली उत्सव, शिवरात्रि उत्सव, कुल्लवी नाटी, स्वच्छता, पर्यावरण और स्थानीय जीवनशैली को दर्शाया गया।
पुराने रीति रिवाज अनुसार निकाली बरात
स्थानीय महिला मंडलों सहित सरकारी विभागों व विभिन्न राज्यों की संस्कृति भी प्रदर्शित हुई। सांस्कृतिक दल बनोगी ने झांकी में पुराने रीति रिवाज अनुसार बरात निकाली व पंजाबी भांगड़ा सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।