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    मनाली-लेह हाईवे खुला, BRO जवानों ने माइनस डिग्री तापमान में 42 दिन बाद पाई सफलता; पर्यटक कब से कर सकेंगे आवाजाही?

    By Jaswant ThakurEdited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 12 May 2026 06:48 PM (IST)

    बीआरओ ने 42 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह हाईवे बहाल कर दिया है। माइनस डिग्री तापमान में काम कर 16 हजार फीट ऊंचे बारालाचा पास ...और पढ़ें

    HighLights

    1. बीआरओ ने मनाली-लेह हाईवे को 42 दिन में बहाल किया।

    2. 16 हजार फीट ऊंचे बारालाचा पास से बर्फ हटाई गई।

    3. माइनस डिग्री तापमान में जवानों ने कड़ी मेहनत की।

    जसवंत ठाकुर, मनाली। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह हाईवे बीआरओ ने बहाल कर दिया है। बीआरओ के जवानों ने माइनस डिग्री तापमान के बीच काम कर यह सफलता पाई। मंगलवार को 16 हजार फीट ऊंचे बारालाचा पास से बर्फ हटाकर हाईवे के दोनों छोर मिला दिए गए हैं। अब सेना के वाहनों सहित पर्यटक आवाजाही कर सकेंगे। सीमा तक आसानी से रसद पहुंच सकेगी।

    लाहुल स्पीति प्रशासन के साथ मिलकर कुछ ही दिनों में वाहनों की आवाजाही को हरी झंडी दी जाएगी। 

    42 दिन की मशक्कत के बाद मार्ग खुला

    बीआरओ ने 42 दिन की कड़ी मेहनत के बाद मंगलवार को मनाली लेह मार्ग बहाल कर दिया। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क बहाली बीआरओ ने 27 मार्च को शुरू की थी। मंगलवार को 42 दिन बाद बीआरओ ने यह सफलता पाई। 

    सरचू में हुआ गोल्डन हैंडशेक

    मंगलवार को सरचू में बीआरओ की दीपक व हिमांक परियोजना के अधिकारियों ने एक दूसरे का स्वागत किया। बीआरओ ने आज गोल्डन हैंडशेक सेरेमनी मनाकर इस सफलता की खुशियां मनाई। गौर हो कि मनाली से सरचू तक बीआरओ की दीपक व सरचू से लेह तक हिमांक परियोजना सड़क बहाली को अंजाम देती हैं।

    सरचू तक 26 एवलांच प्वाइंट

    मनाली से सरचू तक 26 एवलांच प्वांइट हैं, जो बीआरओ की कड़ी परीक्षा लेते हैं। इस बार मौसम की विकट परिस्थितियों ने भी बीआरओ की दिक्कत को बढ़ाया। 42 दिनों में बीआरओ को छह बार बैक गीयर भी लगा, लेकिन बीआरओ के जवानों ने बुलंद हौसले के साथ यह सफलता पाई।

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    माइनस तापमान में काम कर बहाल किया हाईवे

    बीआरओ की दीपक परियोजना के कमांडर कर्नल गौरव ने बताया कि 16040 फीट ऊंचा बारालाचा दर्रा बहाल करना चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि जवानों ने 42 दिन माइनस तापमान में काम कर यह सफलता पाई। उन्होंने बताया कि सड़क तो बहाल हो गई है लेकिन वाहनों को हरी झंडी लाहुल स्पीति प्रशासन के साथ बैठक करने के बाद ही दी जाएगी।

    कर्नल गौरव ने बताया कि ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट कर्नल तेजस मौर्या व कैप्टन सजे की देखरेख में यह कार्य पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि एवलांच वाले क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से पूरी रणनीति के साथ काम किया गया। उन्होंने इस सड़क बहाली में जुड़े सभी बीआरओ के जवानों का होंसला बढ़ाया और उनके कार्य की सराहना की।

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