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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rohtang Pass: 15 मई से रोहतांग दर्रे की वादियां निहार सकेंगे पर्यटक, तेजी से काम में जुटा बीआरओ

    Updated: Wed, 24 Apr 2024 05:06 PM (IST)

    बीआरओ ने रोहतांग दर्रे की बहाली के लिए तेजी से काम कर रही है। इसके चलते पर्यटक 15 मई से रोहतांग की वादियां निहार सकते हैं। मनाली आने वाले पर्यटक रोहता ...और पढ़ें

    15 मई से रोहतांग दर्रे की वादियां निहार सकेंगे पर्यटक।
    15 मई से रोहतांग दर्रे की वादियां निहार सकेंगे पर्यटक।

    जागरण संवाददाता, मनाली। मौसम ने साथ दिया तो 15 मई से पर्यटक रोहतांग की वादियां निहार सकेंगे। हालांकि अटल टनल बनने के बाद रोहतांग दर्रे की ओर पर्यटकों की आवाजाही कम हुई है लेकिन रोहतांग दर्रा आज भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। मनाली आने वाला अधिकतर पर्यटक रोहतांग दर्रे के दीदार को प्राथमिकता देता है।

    बीआरओ ने रोहतांग दर्रे की बहाली को गति दे दी है। मनाली की ओर से बीआरओ का काफिला मढ़ी से आगे निकल गया है जबकि लाहुल की ओर बीआरओ की टीम ग्राम्फु से आगे निकल गई है। हालांकि हर रोज बिगड़ रहा मौसम बीआरओ की दिक्कत को बढ़ा रहा है। इसके बावजूद बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को मई के पहले सप्ताह बहाल करने का लक्ष्य रखा है।

    टनल बनने से पहले रोहतांग बहाली रहती थी प्राथमिकता

    अटल टनल का निर्माण होने से पहले रोहतांग दर्रा बीआरओ की प्राथमिकता होती थी। बीआरओ लेह मार्ग बहाली के चलते रोहतांग दर्रे को सबसे पहले बहाल करता था लेकिन अब टनल निर्माण के बाद बारालाचा व शिंकुला दर्रे की बहाली बीआरओ की प्राथमिकता बनी है। बीआरओ द्वारा टनल निर्माण से न केवल लेह की दूरी 46 किमी कम हुई है बल्कि सफर भी सुगम हुआ है।

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    गुलाबा से आगे जा सकेंगे परमिट प्राप्त वाहन

    एनजीटी के आदेशानुसार, पर्यटन स्थल गुलाबा से आगे परमिट प्राप्त वाहन ही आ जा सकेंगे। बीआरओ ने मई के पहले सप्ताह ही रोहतांग दर्रे को बहाल करने का लक्ष्य रखा है। बीआरओ निर्धारित समय पर रोहतांग बहाल कर देता है तो कुल्लू प्रशासन दर्रा बहाली के एक सप्ताह बाद पर्यटकों को रोहतांग दर्रे तक जाने की अनुमति दे देगा। पर्यटकों के लिए दर्रा बहाल होने से पहले प्रशासन पार्किंग सहित आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था करेगा। उसके बाद परमिट की प्रक्रिया शुरु करेगा। परमिट प्राप्त वाहन ही दर्रे की ओर जा सकेंगे। हर रोज 1200 वाहनों को ही दर्रे में जाने की अनुमति रहेगी।

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    बीआरओ कमांडर गौरव ने बताया कि रोहतांग दर्रे की बहाली युद्धस्तर पर जारी है। बारालाचा दर्रे को बहाल करने के बाद बीआरओ का अगला लक्ष्य रोहतांग व कुंजम दर्रा बहाल करना है। मई के पहले सप्ताह तक रोहतांग दर्रे के बहाल होने की उम्मीद है।

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