यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल के जोगेंद्रनगर में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंची केंद्रीय निरीक्षण टीम, एसडीएम ने दी रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर में चार सदस्यीय केंद्रीय टीम ने एसडीएम कृष्ण कुमार शर्मा के साथ फील्ड में पंहुचकर हालात का निरीक्षण किया। टीम ने जुलाई से ...और पढ़ें

HighLights
- हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर में जुलाई व अगस्त में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंची केंद्रीय निरिक्षण टीम
- एसडीएम ने केंद्रीय टीम को बताई नुकसान की रिपोर्ट
- जोगेंद्रनगर उपमंडल में अनुमानित 46 करोड़ का हुआ नुकसान
संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर। हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर में जुलाई और अगस्त में आई आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंची केंद्रीय निरीक्षण की टीम (Central Inspection Team) ने प्रशासन से जवाब तलब किया है। उपमंडल में हुए नुकसान का भी जायजा लिया है। चार सदस्यीय केंद्रीय टीम ने एसडीएम कृष्ण कुमार शर्मा (SDM Krishna Kumar Sharma) के साथ फील्ड में पंहुचकर हालात का निरीक्षण किया। एसडीएम ने केंद्रीय निरीक्षण टीम को बताया कि जुलाई की नौ दस तारीख से अगस्त के अंत तक जोगेंद्रनगर उपमंडल में अनुमानित 46 करोड़ के नुकसान का आकलन विभिन्न विभाग की अधिकारिक रिपोर्ट के तहत किया गया है।
अनुमानित 2337.90 लाख की हुई क्षति
लोक निर्माण विभाग की सड़कों, डंगो, व पुलों के क्षतिग्रस्त हो जाने से अनुमानित 2337.90 लाख की क्षति हुई है। जल शक्ति विभाग की सिंचाई, पेयजल योजनाओं पर इस साल आपदा ने खूब कहर बरपाते हुए 21 करोड़ की चपत लगाई है। हाइवोल्टेज तारों,ट्रांसफार्मर को अनुमानित 23 लाख रुपये का नुकसान पंहुचा है। लडभड़ोल क्षेत्र में 6 हेक्टेयर भूमि पर बागवानी विभाग ने एक करोड़ 16 लाख रुपये की रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन को सौंपी है। इसी प्रकार रिहायशी मकान व अन्य भवनों के क्षतिग्रस्त हो जाने पर अनुमानित एक करोड़ के नुकसान हुआ है।
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दोनों परियोजनाओं को हुआ करीब ढ़ाई करोड़ का नुकसान
जल शक्ति विभाग की दो उठाऊ पेयजल योजनाओं को ब्यास की बाढ से अनुमानित ढ़ाई करोड़ का नुकसान पंहुचा है। उटपुर और सांढापतन में दोनों पेयजल योजनाओं का नामोनिशान मिट गया है। आपदा में प्रभावित परिवारों को स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लगभग 79लाख की आर्थिक सहायता, 300 से अधिक राशन की किट व 400 के करीब तिरपाल भी वितरित कर दिए है।
केंद्रीय आपदा टीम को बताया की कस, दलेड, नेरघरवासडा पंचायत में बादल फटने से लगभग 150 लोग बेघर हो गए थे। जिन्हें स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविरों में शरण दी है। बाढ़ से जोगेंद्रनगर की द्रुबल पंचायत के तीन लोगों की मौत हो गई। कुल 22 पंचायतों में अनुमानित 46 करोड़ का नुकसान हुआ है।