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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्टेनो टाइपिस्ट भर्ती परीक्षा में आंसर शीट से छेड़छाड़, विजिलेंस जांच में खुली पोल; कैसे हुआ ये 'खेल'?

Updated: Sun, 12 Jan 2025 11:11 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश के मंडी में स्टेनो टाइपिस्ट की भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रबर और फ्लूड का इस्तेमाल कर उत्तर बदले गए। इससे आयोग की ...और पढ़ें

मंडी में स्टेनो टाइपिस्ट परीक्षा में की गई धांधली
मंडी में स्टेनो टाइपिस्ट परीक्षा में की गई धांधली

HighLights

  1. 21 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स में हुई थी छेड़छाड़
  2. फ्लूड और रबर का उपयोग कर उत्तर बदले गए
  3. आयोग की पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े

जागरण संवाददाता, मंडी। कल्पना कीजिए, आप अपनी मेहनत और लगन से सरकारी नौकरी की परीक्षा पास करने का सपना देख रहे हैं लेकिन जब परिणाम आता है तो पता चलता है कि आपकी मेहनत किसी और की धोखाधड़ी के आगे फीकी पड़ गई।

यही हुआ है भंग किए गए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की पोस्ट कोड 928 स्टेनो टाइपिस्ट की भर्ती परीक्षा में, जहां 21 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स में फ्लूड और रबर का उपयोग कर उत्तर बदले गए थे। इस खुलासे ने न केवल सच्चे मेहनती अभ्यर्थियों के सपनों को चकनाचूर किया है बल्कि भंग आयोग की पारदर्शिता पर भी गहरे सवाल खड़े किए हैं।

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स्क्रीनिंग कमेटी की लापरवाही

विजिलेंस जांच में यह भी सामने आया कि छेड़छाड़ के बारे में स्क्रीनिंग कमेटी को जानकारी थी, फिर भी इन ओएमआर शीट्स को रद्द नहीं किया गया। यह लापरवाही चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

पूर्व कर्मचारियों के रिश्तेदार चयनित

चौंकाने वाली बात यह है कि चयनित अभ्यर्थियों में से दो भंग कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व कर्मचारियों के रिश्तेदार हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आरोप और भी मजबूत हो गए हैं।

कैसे हुई छेड़छाड़?

जांच में पाया गया कि अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स पर फ्लूड का उपयोग कर गलत उत्तर मिटाए गए और सही उत्तर भरे गए। रबर का इस्तेमाल करके भी उत्तरों में हेरफेर किया गया। इस तकनीकी छेड़छाड़ से चयनित अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

विजिलेंस ने मांगा टाइपिंग टेस्ट रिकॉर्ड

विजिलेंस ने अब टाइपिंग टेस्ट का रिकॉर्ड भी मांगा है। जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं टाइपिंग टेस्ट में भी गड़बड़ी तो नहीं हुई।

संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ होगी। 2022 में आयोजित परीक्षा में करीब 15,000 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। 1152 उर्त्तीण हुए थे। इसमें 107 को टाइपिंग टेस्ट के लिए चयनित किया गया था।

पुलिस अधीक्षक विजिलेंस मंडी रेंज कुलभूषण वर्मा ने बताया कि जांच में 21 ओएमआर शीट्स में छेड़छाड़ की बात सामने आई है। टाइपिंग टेस्ट का रिकार्ड भी मांगा गया है। उसकी भी जांच होगी।

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