यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Landslide: मनाली हाईवे पर चट्टानों ने तीन जगह से हिला दिया करोड़ों से बना फ्लाईओवर, जानिए कब तक बहाल होगा फोरलेन
Landslide in himachal मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर दवाड़ा में बना फ्लाईओवर चट्टानों के गिरने से टूट गया है जिससे इसके गर्डर को तीन जगह क्षति पहुंची है। NHA ...और पढ़ें

HighLights
- दवाड़ा फ्लाइओवर का गाडर टूटा, मरम्मत तक रहेगा बंद
- एनएचएआइ को बड़ा झटका, चट्टानों ने फ्लाइओवर को तीन जगह पहुंचाई क्षति
- नौ मील, जोगनी मोड़ और दवाड़ा में बना हुआ है जोखिम
सहयोगी, पंडोह (मंडी)। Landslide in himachal, मनाली-कीरतपुर फोरलेन पर पर दवाड़ा में बना फ्लाईओवर टूट गया है। यहां चट्टानों ने इसके गर्डर को तीन अलग-अलग जगह पर क्षति पहुंचाई है। अब एनएचएआइ इसकी मरम्मत करवाने के लिए पहले इसकी जांच करवाएगा। तब तक यह फ्लाइओवर आवाजाही के लिए बंद रहेगा।
मंगलार रात को दवाड़ा फ्लाईओवर ब्रिज के पास अचानक भारी-भरकम चट्टानें गिरने से मार्ग पूरी तरह से फिर बंद हो गया था, जिसे आज वीरवार दोपहर को बहाल किया गया। इस दौरान एक तेल टैंकर भी चट्टानों की चपेट में आ गया।
नौ मील के पास ज्यादा खतरा
सबसे अधिक खतरा नौ मील के पास देखा गया, जहां पहाड़ी से लगातार मलबा, पत्थर और दलदल सड़क पर आता रहा। पुलिस प्रशासन और मशीनरी के प्रयासों के बाद सुबह 10 बजे के आसपास हाईवे को अस्थाई रूप से बहाल किया गया।
फ्लाईओवर की सरंचना को भारी नुकसान
मंडी से पंडोह तक का ट्रैफिक अब सुचारू है लेकिन पंडोह बांध से आगे जोगनी मोड़ पर बुधवार सुबह 10 बजे एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ। इससे पंडोह कुल्लू मार्ग बाधित हो गया है। इसे शाम पांच बजे बहाल किया गया। दवाड़ा फ्लाइओवर की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। सुबह के समय भी वहां चट्टानें गिरती रहीं, जिससे फ्लाइओवर की संरचना को भारी नुकसान हुआ है और उसमें दरारें आ गई हैं। फ्लाइओवर के नीचे गिरी चट्टानों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। चौकी प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं।
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तीन जगह से हिला दिया फ्लाईओवर
दवाड़ा में फ्लाइओवर के गाडर को नुकसान पहुंचा है। तीन जगह पर चट्टानों ने इसे हिला दिया है। अब पहले इसकी जांच करवाई जाएगी, उसके बाद ही इसे यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।
-वरुण चारी, प्रोजेक्ट निदेशक एनएचएआइ।