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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: सावधान! 30 तारीख को न जाएं ब्यास किनारे, खोले जाएंगे लारजी बांध के गेट; बंद रहेगा बिजली उत्पादन

    Updated: Wed, 26 Jun 2024 08:48 AM (IST)

    30 जून को लारजी बांध के गेट खोले जाएंगे। जिससे 24 घंटे बिजली उत्पादन भी बंद रहेगा। प्रशासन ने पर्यटकों और लोगों को व्यास नदी (Beas River) के किनारे जा ...और पढ़ें

    लारजी बांध से गाद निकासी के लिए खोले जाएंगे गेट (फाइल फोटो)
    लारजी बांध से गाद निकासी के लिए खोले जाएंगे गेट (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 24 घंटे तक लारजी बांध से होगी गाद की निकासी
    2. प्रशासन ने पर्यटकों व लोगों को किया सचेत
    3. इस दौरान बंद रहेगा बिजली उत्पादन

    जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के 126 मेगावाट क्षमता के लारजी बांध से 30 जून को गाद निकासी के लिए सुबह छह बजे सभी गेट खोले जाएंगे। इससे निचले क्षेत्रों में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ना तय है।

    प्रशासन ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि इस दौरान लारजी बांध से लेकर पंडोह बांध तक ब्यास नदी के किनारे न जाएं ताकि किसी तरह का नुकसान न हो।

    एक दिन बंद रहेगा बिजली उत्पादन

    गाद निकासी के चलते लारजी पनविद्युत प्रोजेक्ट में भी एक दिन बिजली उत्पादन बंद रहेगा। मानसून से पहले हर वर्ष बांध से गाद निकासी की जाती है ताकि बाद में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

    ब्यास, पार्वती और तीर्थन नदी में मानसून में काफी गाद आती है। गाद का असर बिजली उत्पादन के अलावा जल भंडारण क्षमता पर भी पड़ता है।

    जब हो गई थी 25 लोगों की मौत

    आठ जून 2014 को लारजी बांध से अचानक छोड़े गए पानी से वीएनआर इंस्टीच्यूट हैदराबाद के 24 प्रशिक्षु इंजीनियरों समेत 25 लोगों की मौत हो गई थी। एजुकेशनल टुअर पर मनाली ले जाए जा रहे प्रशिक्षु इंजीनियर थलौट के पास ब्यास नदी में तस्वीरें खिंचवाने उतरे थे।

    इस दौरान लारजी डैम से बिना किसी पूर्व सूचना के पानी छोड़ दिया गया। देखते ही देखते 25 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। बांध प्रबंधन की ओर से इसके बाद कई जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन पर्यटक नदी में उतरने से बाज नहीं आ रहे हैं।

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    पहले से ही छोड़ा जा रहा 400 क्यसेक पानी

    पिछले दिनों मंडी के बिंद्रावणी में पंजाब के पर्यटक की ब्यास की तेज जलधारा में बहने से मौत हो गई थी। एक पर्यटक की अन्य राज्य के मजदूर ने जान बचाई थी।

    भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) पंडोह बांध से पहले ही करीब 400 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है। लारजी बांध से गाद निकासी को देखते हुए बीबीएमबी प्रबंधन बांध के गेट और खोल सकता है।

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