हिमाचल के जोगेंद्रनगर में स्कूल के बाहर रंगड़ों का हमला, बच्चों सहित उनकी मां भी घायल
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगेंद्रनगर में स्कूल जा रहे बच्चों और उनकी मां पर रंगड़ों ने हमला कर दिया। इस घटना में दो बच्चे और उनकी मां गंभीर रूप स ...और पढ़ें

जोगेंद्रनगर में रंगड़ों के हमले में घायल बच्चे।
HighLights
जोगेंद्रनगर में स्कूल जा रहे बच्चों-मां पर रंगड़ों का हमला।
हमले में दो बच्चे और मां गंभीर रूप से घायल।
ग्रामीणों ने प्रशासन से रंगड़ों के छत्ते हटाने की मांग की।
संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में स्कूल जा रहे बच्चों और उनकी मां पर रंगड़ों ने हमला कर दिया। उपमंडल जोगेंद्रनगर में जंगली जीवों और कीटों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्राहल के समीप रंगड़ों के झुंड ने स्कूली बच्चों और उनकी माता पर अचानक हमला कर दिया।
इस घटना में दो बच्चे व महिला गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
8 और 11 वर्षीय बच्चे घायल
बुधवार सुबह द्राहल पंचायत के मतकेहड़ गांव की निवासी संगीता देवी अपने दो बच्चों, 8 वर्षीय मुस्कान (कक्षा पांचवीं) और 11 वर्षीय साहिल (कक्षा आठवीं) को स्कूल छोड़ने जा रही थीं। जैसे ही वह स्कूल के मुख्य गेट के समीप पहुंचे, वहां मौजूद रंगड़ों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया।
चीख पुकार मच गई
हमले से मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को रंगड़ों के चंगुल से छुड़ाया। स्थानीय लोगों की सहायता से घायल संगीता देवी और उनके दोनों बच्चों को तुरंत सिविल अस्पताल जोगेंद्रनगर पहुचाया गया।
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, रंगड़ों के काटने से तीनों के शरीर पर काफी सूजन आई है, लेकिन फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका उपचार चल रहा है।
लगातार हो रहीं घटनाएं
गौरतलब है कि क्षेत्र में रंगड़ों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कल भी एक व्यक्ति पर रंगड़ों ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। लगातार दूसरे दिन हुई इस घटना से स्कूली बच्चों और अभिभावकों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से आग्रह किया है कि स्कूल और सार्वजनिक रास्तों के आसपास मौजूद रंगड़ों के छत्तों को तुरंत हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।